Cricket के तीनों ही फार्मेट में Test Cricket को सबसे अधिक तवज्जो दी जाती है, इसी कारण हर खिलाड़ी का सपना होता है, कि वह अपने देश के लिए इस फार्मेट में अच्छा प्रदर्शन कर सके। Test Cricket में जहां एक बल्लेबाज़ के धैर्य की पूरी परिक्षा होती है, तो वहीं गेंदबाज़ के लिए भी अपनी विवधताओं को दिखाने का पूरा मौका मिलता है, इसके अलावा 5 दिन का खेल होने की वजह से एक खिलाड़ी को अपनी फिटनेस भी उच्च दर्जे की रखनी होती है।
हर टीम के पास तीन से 4 गेंदबाज़ होने के साथ टीम में कुछ पार्ट टाइम गेंदबाज़ भी होते हैं, जो विपक्षी टीम को ऑल ऑउट करने की कोशिश करते हैं, लेकिन Test Cricket के इतिहास में अभी तक 4 बार ऐसा हो चुका है, कि टीम में शामिल सभी 11 खिलाड़ियों ने एक पारी में गेंदबाज़ी की है।
पहली बार ऐसा साल 1884 में ऑस्ट्रेलिया टीम के इंग्लैंड दौरे पर तीसरे Test के दौरान हुआ था, उसके बाद दूसरी बार पाकिस्तान बनाम ऑस्ट्रेलिया के बीच साल 1980 में हुए फैसलबाद Test में हुआ था। तीसरे वाक्या साल 2002 में भारतीय टीम के विंडीज़ दौरे के दौरान हुआ था और आखिरी बार ऐसा साल 2005 में साउथ अफ्रीका बनाम वेस्टइंडीज़ के Test में हुआ था, जिसमें टीम के 11 खिलाड़ियों ने गेंदबाज़ी की थी।
आईयें एक नज़र डालते हैं, वेस्टइंडीज़ बनाम भारत के बीच हुए साल 2002 में Test मैच परः
बल्लेबाज़ी के लिए मुफीद पिच पर वेस्टइंडीज़ टीम ने टॉस जीतकर पहले पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला लिया जिसके बाद भारत की तरफ से पारी की शुरूआत करने के लिए उतरे शिव सुंदर दास और वसीम जाफर टीम के अच्छी शुरूआत नहीं दे सके और दास सिर्फ 3 रन बनाकर वापस लौट गए इसके बाद जाफर ने द्रविड के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 155 रनों की साझेदारी की और जाफर 86 रन बनाकर ऑउट हुए।
वहीं इसके बाद बल्लेबाज़ी के लिए उतरे सचिन तेंडुलकर पहली गेंद पर ही ऑउट हो गए जिसके बाद द्रविड ने गांगुली के साथ मिलकर पहले दिन टीम को कोई और झटका नहीं लगने दिया। दूसरे दिन सौरव गांगुली 45 और राहुल द्रविड 91 रन बनाकर ऑउट हुए वहीं अनिक कुंबले भी सिर्फ 6 बनाकर चलते बने।
लेकिन विकेटकीपर बल्लेबाज़ अजय रात्रा ने वीवीएस. लक्ष्मण के साथ मिलकर 8 वें विकेट के लिए 205 रनों की बड़ी साझेदारी करके दूसरे दिन का खेल खत्म होने पर भारतीय टीम को एक मजबूत स्थिती में पहुंचा दिया था।
तीसरे दिन की शुरूआत में भारतीय टीम को पहला झटका वीवीएस. लक्ष्मण के रूप मे लगा जो 130 रन बनाकर ऑउट हुए वहीं अजय रात्रा ने 115 रनों की पारी खेली जब गांगुली ने 9 विकेट के नुकसान पर 513 रन पर टीम की पहली पारी घोषित करने का फैसला लिया।
विंडीज़ के लिए पहली पारी में शुरूआत करने के लिए क्रिस गेल और वावेल हाइंड्स आये और दोनों को ये अच्छी तरह से पता था, कि पिच में गेंदबाज़ो के लिए किसी भी तरह की कोई मदद नहीं है, लेकिन जहीर खान ने गेल को 32 के निजी स्कोर पर ऑउट करके टीम को पहली सफलता दिलाने का काम किया इसके बाद वावेल हाइंड्स और रामनरेश सरवन के बीच हो रही साझेदारी भारतीय टीम के लिए एक खतरा बन रही थी, लेकिन सचिन तेंडुलकर ने जिन्हें गोल्डन आर्म के रूप में भी जाना जाता है, उन्होंने हाइंड्स को 65 के निजी स्कोर पर ऑउट करके टीम को दूसरी सफलता दिलाने का काम किया।
इसके बाद बल्लेबाज़ी के लिए उतरे ब्रायन लारा अधिक कुछ नहीं कर सके और 4 रन बनाकर अनिल कुंबले का शिकार बने, लेकिन इसके बाद कार्ल हूपर ने रामनरेश सरवन के साथ मिलकर टीम को उस दिन और कोई झटका नहीं लगने दिया।
अगले दिन का खेल शुरू होते ही विंडीज़ टीम को पहले सेशन में सरवन के रूप में झटका लगा और टीम का स्कोर 4 विकेट के नुकसान पर 196 रन हो गया जिससे भारतीय टीम एक मजबूत स्थिती में दिखने लगी लेकिन शिवनारायण चंद्रपॉल ने क्रीज़ पर आने के बाद भारतीय टीम की सारी उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया। चंद्रपॉल ने हूपर के साथ मिलकर धैर्यपूर्ण बल्लेबाज़ी की।
भारतीय टीम के तीनों तेज़ गेंदबाज़, जवागल श्रीनाथ, आशीष नेहरा और जहीर खान ने हर तरह से कोशिश की लेकिन वह फ्लैट पिच पर बिल्कुल भी कामयाब नहीं हो सके, जिसके बाद तेंडुलकर ने एकबार फिर से टीम को ब्रेक थ्रू दिलाने का काम करते हुए कार्ल हूपर को 136 रनों के निजी स्कोर पर ऑउट किया।
इसके बाद भारतीय टीम की रणनीति अगले कुछ विकेट जल्दी हासिल करने पर थी, लेकिन हूपर के ऑउट होने के बाद बल्लेबाज़ी के लिए रिडली जैकब्स ने सभी की उम्मीदों पर पानी फेरने का काम करते हुए चंद्रपॉल के साथ मिलकर शानदार साझेदारी की जिसमे वह एक छोर से तेज़ के साथ रन बना रहे थे और वहीं दूसरी तरफ चंद्रपॉल धैर्य के साथ बल्लेबाज़ी करते रहे।
भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने इसके बाद टीम में मौजूद बाकी सभी को भी गेंदबाज़ी में आजमाने का फैसला लिया जिसमें विकेटकीपर अजय रात्रा ने भी एक ओवर गेंदबाज़ी की जिसमें कीपिंग की जिम्मेदारी राहुल द्रविड ने संभाली।
सभी अनुभवी और अनुभवहीन गेंदबाज़ो को आजमाने के बाद राहुल द्रविड ने टीम को सफलता दिलाने का काम किया जिसमें उन्होंने रिडली जैकब्स को 118 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन वापस भेजने का काम किया।
इसके बाद वसीम जाफर ने 2 विकेट हासिल किए जिसमें उनका शिकार मार्वन ढिल्लन और पैड्रो कोलिंस बने वहीं वीवीएस लक्ष्मण ने भी अपने Test Cricket करियर का पहला विकेट हासिल किया जिसमें लक्ष्मण ने कैमरून कैफी को पवेलियन भेजने का काम किया।
फाइनल स्कोरकार्ड
भारत – 513 रन 9 विकेट के नुकसान पर
वेस्टइंडीज़ – 629 रन 9 विकेट के नुकसान पर
परिणाम – मैच ड्रॉ
प्लेयर ऑफ दी मैच – अजय रात्रा (भारत)
यहां पर देखिए भारतीय गेंदबाज़ी का पूरा कार्ड:
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