5 Players Who Did not get Chance under Dhoni’s Captaincy
महेंद्र सिंह धोनी ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए लगभग एक दशक तक कप्तानी की। धोनी ने 332 मैचो में भारत के कप्तान के तौर पर खेला और अपने नेतृत्व में धोनी ने टीम को तीन आईसीसी ट्राफी से नवाज़ा, जिस कारण वह विश्व क्रिकेट सबसे सफल कप्तानों में से एक माने जाते हैं। पूर्व भारतीय कप्तान धोनी अभी भी इंडियन सुपर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान के तौर पर खेल रहे हैं और रोहित शर्मा के बाद वह इस टूर्नामेंट के दूसरे सबसे सफल कप्तान है।
धोनी की कप्तानी में एक बात जो सभी को सीख देने वाली होती थी, वह यह कि धोनी अपने खिलाड़ियों को पूरा समर्थन देते थे, जिससे उस खिलाड़ी को अच्छा प्रदर्शन करने का पूरा मौका मिल सके। इनमें उदाहरण के तौर पर विराट कोहली, रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
लेकिन इन्हीं में से कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जिन्हें धोनी के कप्तान रहते हुए टीम में तो शामिल किया गया लेकिन मौका नहीं मिल सका। धोनी एक कप्तान के तौर पर अधिक बदलाव करना पसंद नहीं करते थे, जिसके बाद हम आपको ऐसे 5 खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें धोनी के कप्तान रहते हुए टीम में शामिल तो किया गया लेकिन वह अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बन सके थे।
#1 ईश्वर पांडे (वनडे और टेस्ट) | Ishwar Pandey (ODI and Test)
ईश्वर पांडे की इस समय उम्र 29 साल है और वह भारतीय टीम में सामिल होने के आसपास भी नहीं दिख रहे हैं। पिछले कुछ सालों में ईश्वर पांडे ने घरेलू क्रिकेट में कुछ ऐसा प्रदर्शन नहीं किया है, जिससे सभी का ध्यान उनकी तरफ जा सके। पांडे लगातार मध्यप्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट में खेल रहे हैं।
इस लम्बे तेज़ गेंदबाज़ ने कई बार चयन का दरवाज़ा खटखटाया साल 2010 में उस समय आईपीएल में ईश्वर ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए और घरेलू क्रिकेट में अच्छा किया था, वहीं 2012-13 के रणज़ी सीज़न में वह सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ थे।
उनके इस अच्छे प्रदर्शन का इनाम भी मिला और भारत के साल 2014 की शुरूआत में हुए न्यूज़ीलैंड के दौरे में उन्हें टीम में शामिल किया गया था, जहां पर कुछ अभ्यास मैच में ईश्वर को मौका भी मिला था, लेकिन वह मुख्य मैचो में अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बन सके थे, जिसके बाद उन्हें धोनी की ही कप्तानी में एशिया कप की टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उसमें भी उन्हें खेलना का मौका नहीं मिल सका।
#2 कर्ण शर्मा (वनडे) | Karn Sharma (ODI)
लगभग 12 साल पहले लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने अपना पहला प्रथम श्रेणी और लिस्ट ए का पहला मैच खेला था। उत्तर प्रदेश के मेरठ से आने वाले कर्ण शर्मा ने 2007 में अपना प्रथम श्रेणी का डेब्यू रेलवे की टीम से करते हुए पहले ही मैच में शतक लगा दिया था, लेकिन जब 2013 में जब उनको लेकर सभी का ध्यान गया तो वह उस तरह के खिलाड़ी नहीं रहे थे।
साल 2013 के आईपीएल सीज़न में सनराईजर्स हैदराबाद की टीम ने कर्ण शर्मा को टीम में शामिल किया था और उसके बाद शर्मा ने अमित मिश्रा के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को प्लेऑफ तक पहुंचाया था। इसके बाद अगले आईपीएल सीज़न में भी कर्ण शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया जिसके बाद उन्हें भारत के इंग्लैंड दौरे पर वनडे और टी20 टीम में जगह मिली, लेकिन उन्हें उस दौरे पर एक भी वनडे मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका।
लेकिन उसके बाद कर्ण को उस दौरे पर एक टी20 मैच खेलने का मौका जरूर मिला जिसमें उन्होंने 28 रन देकर 1 विकेट हासिल किया। 2014 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कर्ण को एडिलेड में हुए टेस्ट मैच में भी शामिल किया गया था, कर्ण अपने करियर में 2 वनडे मैच जरूर खेले लेकिन उन्हें धोनी की कप्तानी में एक भी वनडे मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका।
#3 कुलदीप यादव (वनडे) | Kuldeep Yadav (ODI)
पिछले 2 साल में कुलदीप यादव भारतीय टीम के लिए लिमिटेड ओवरो में प्रमुख स्पिन गेंदबाज़ बनकर उभरे हैं। साल 2014 में कुलदीप यादव सभी की नज़रो में काफी तेज़ी से आये थे, जब इस चाइनामैन गेंदबाज़ ने अंडर 19 विश्वकप में शानदार प्रदर्शन किया था, जिसके बाद कुलदीप को आईपीएल निलामी में भी खरीद लिया गया लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिल सका।
जिसके बाद कुलदीप को साल 2014 में हुई चैंपियंस लीग में कोलकाता नाईट राइडर्स ने मौका दिया जिसमें उन्होंने फिर से सभी को प्रभावित किया और इससे उन्हें भारतीय वनडे टीम में भी शामिल कर लिया गया, जिसको उसी साल वेस्टइंडीज़ के खिलाफ सीरीज़ खेलनी थी, लेकिन कुलदीप को उस सीरीज़ में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका।
कुलदीप को इसके बाद लगभग 2 साल से अधिक का इंतज़ार करना पडा अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए। धोनी ने भले ही कुलदीप को सफल होने के लिए काफी कुछ बताया हो लेकिन उन्हें कभी धोनी की कप्तानी में खेलने का मौका नहीं मिल सका।
#4 एन. जगदीशन (आईपीएल) | N Jagadeesan (IPL)
एन. जगदीशन ने पिछले कुछ समय में काफी शानदार प्रदर्शन किया है। तमिलनाडू प्रीमियर लीग में इस खिलाड़ी ने बड़ी आसानी से रन बनायें हैं। कोयम्बटूर के इस विकेटकीपर बल्लेबाज़ ने पिछले कुछ सालों से लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। 23 का यह खिलाड़ी तमिलनाडू टीम का भी मुख्य अस्त्र है।
लेकिन जगदीशन को आईपीएल में अभी तक एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका, वह पिछले 2 साल से चेन्नई सुपर किंग्स टीम का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका। धोनी के विकेटकीपर के रूप में खेलने की वजह से उन्हें मौका नहीं मिल सका।
जगदीशन युवा खिलाड़ी होने के नाते महेंद्र सिंह धोनी से काफी कुछ सीखते हैं, लेकिन उन्हें उनकी कप्तानी में खेलने का मौका नहीं मिल सका। टीएनपीएल के इस सीज़न में जिस तरीके से जगदीशन ने खेला है, उससे सभी को एक बड़ा संदेश गया है।
#5 बाबा अपराजित (आईपीएल) | Baba Aparajith (IPL)
बाबा अपराजित ने अपने खेल के शुरूआती दिनों में काफी सफलता पायी है, साल 2012 में खेले गए अंडर 19 विश्वकप में बाबा अपराजित के प्रदर्शन से सभी काफी प्रभावित हुए थे। 17 साल की उम्र में अपराजित को तमिलनाडू की टीम से अपना पहला प्रथम श्रेणी मैच खेलने का मौका मिला था।
चेन्नई में जन्म लेने वाले इस शानदार खिलाड़ी ने बल्ले और गेंद दोनों से प्रदर्शन किया था। बाबा अपराजित का प्रथम श्रेणी में और लिस्ट ए में औसत लगभग 40 का है। साल 2012 में बाबा अपराजित को चेन्नई सुपर किंग्स ने अपनी टीम में शामिल किया था, लेकिन 3 साल तक टीम का हिस्सा होने के बावजूद उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका, लेकिन जिस दौरान सीएसके के उपर 2 साल का बैन लगा था, तो उन्हें राइजिंग पूणे सुपरजाएंट्स की टीम में भी शामिल किया गया था, लेकिन उसमें भी एक मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका।
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