क्रिकेट के खेल मे ऑस्ट्रेलिया टीम किस जगह पर है, मुझे नही लगता है कि ये बात किसी कोबताने कि जरुरत है। अगर मै ये कहुं कि ऑस्ट्रेलिया टीम को इस जगह पर पहुंचाने मे उनके हरेक कप्तान का हाथ है तो शायद ये गलत नही होगा क्योकि ऑस्ट्रेलिया टीम का हर कप्तान कप्तानी मतलब समझता है और कप्तानी जैसे जिममेदारी का निभाना जानता है। कप्तानी एक विरासत कि तरह होती है और ये बात सबसे ज्यादा ऑस्ट्रेलिया टीम पर फिट बैठता है क्योकि ऑस्ट्रेलिया टीम के किसी भी खिलाडी को कप्तानी कि जिम्मेदारी दी जाती है तो बिलकुल उसी तरह से दी जाती जैसे उससे पहले कप्तान को मिली थी, मतलब एक बेहतर टीम के साथ। एक कप्तान हमेशा अपने टीम को जीतने के लिए तैयार करता है और हर हार मे खुद आगे आकर गलतीयो के बारे मे बताता है और कहता है ऐसे गलतीयो को करके हम कभी मैच नही जीत सकते है।
इस आर्टिकल हम आपको ऑस्ट्रेलिया टीम के 5 सबसे सफल कप्तानो के बारे मे बतायेगे। जिन्होने ऑस्ट्रेलिया टीम कि दशा और दिशा दोनो हि बदल दिया है, इस फेहरिस्त मे ऐसे कप्तान है जिन्होने 2 बार वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया के नाम कर चुके है।
1.मार्क टेलर(1994-1999)
ऑस्ट्रेलिया को एक बेहतर टीम और जीत कि आदत लगाने वाले कप्तानो मे से एक कप्तान मार्क टेलर भी है। मार्क टेलर को साल 1994 मे एलेन बॉर्डर के कप्तानी छोडने के बाद कप्तानी सौंपा गया था। मार्क टेलर ने साल 1994 से लेकर साल 1999 तक ऑस्ट्रेलिया टीम कि कप्तानी संभाली थी, अपने 5 साल के कप्तानी मे मार्क टेलर ने ऑस्ट्रलिया टीम के लिए 67 वनडे मैच मे कप्तानी की जिसमे से 36 मैचो मे जीत, 30 मैच मे हार और 1 मैच ड्रॉ रहा है। इसके अलावा मार्क टेलर ने 50 टेस्ट मैच मे कप्तानी की जिसमे से 26 मैचो मे जीत, 13 मैच मे हार और 11 मैच ड्रॉ रहा है।
2.माइकल क्लार्क(2011-15)
माइकल क्लार्क को कप्तानी मिलने कि ऑस्ट्रेलिया टीम खुश होती या फिर एक युग के अंत होने पर रोये, ये बात किसी को समझ मे नही आ रहा था क्योकि माइकल क्लार्क को कप्तानी तब मिली थी जब रिकी पोंटिंग ने ऑस्ट्रेलिया टीम के कप्तानी से संयास का ऐलान किया था। साल 2011 वर्ल्ड कप के र्क्वाटरफाइनल मैच भारत से हारने के बाद रिकी पोंटिंग ने ऑस्ट्रेलिया टीम कप्तानी छोड दी थी और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड ने माइकल क्लार्क को कप्तानी सौंप दिया।
माइकल क्लार्क ने साल 2011 से लेकर साल 2015 तक ऑस्ट्रेलिया टीम कि कप्तानी संभाली थी, अपने 5 साल के कप्तानी मे माइकल क्लार्क ने ऑस्ट्रलिया टीम के लिए 74 वनडे मैच मे कप्तानी की जिसमे से 50 मैचो मे जीत, 21 मैच मे हार और 3 मैच ड्रॉ रहा है। इसके अलावा मार्क टेलर ने 47 टेस्ट मैच मे कप्तानी की जिसमे से 24 मैचो मे जीत, 16 मैच मे हार और 7 मैच ड्रॉ रहा है। साल 2015 का वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया मे ही खेला गया था और विजेता भी ऑस्ट्रेलिया टीम बनी थी, माइकल क्लार्क ऑस्ट्रेलिया के चौथे कप्तान है जिन्होने वर्ल्ड कप जीता है और ये पांचवा मौका जब ऑस्ट्रेलिया टीम ने वर्ल्ड कप जीता हो।
3.एलेन बॉर्डर (1984-1994)
इस माहन खिलाडी का नाम हम सभी ने सुना ही है और इनकि कप्तानी से भी वाकिफ है। एक खिलाडी के तौर पर एलेन बॉर्डर बहुत ही प्रतीभावान खिलाडी थे, साल 1984 मे किम ह्युज के कप्तानी छोडने के बाद एलेन बॉर्डर को कप्तानी सौंपा गया था। एलेन बॉर्डर ने साल 1984 से लेकर साल 1994 तक ऑस्ट्रेलिया टीम कि कप्तानी संभाली थी, अपने 11 साल के कप्तानी मे एलेन बॉर्डर ने ऑस्ट्रलिया टीम के लिए 178 वनडे मैच मे कप्तानी की जिसमे से 107 मैचो मे जीत, 67 मैच मे हार और 4 मैच ड्रॉ रहा है। इसके अलावा एलेन बॉर्डर ने 93 टेस्ट मैच मे कप्तानी की जिसमे से 32 मैचो मे जीत, 22 मैच मे हार और 39 मैच ड्रॉ रहा है। एलेन बॉर्डर ही वो कप्तान है जिन्होने ऑस्ट्रेलिया टीम को पहली बार साल 1987 मे विश्व विजेता बनाया था।
आज के समय मे स्टीव वॉ ऑस्ट्रेलिया टीम के सहायक कोच है और ऑस्ट्रेलिया टीम को दूसरी बार विश्व विजेता बनाने वाले कप्तान भी है। साल 1998 मे मार्क टेलर के कप्तानी छोडने के बाद स्टीव वॉ को कप्तानी सौंपा गया था। स्टीव वॉ ने साल 1998 से लेकर साल 2003 तक ऑस्ट्रेलिया टीम कि कप्तानी संभाली थी, अपने 5 साल के कप्तानी मे स्टीव वॉ ने ऑस्ट्रलिया टीम के लिए 106 वनडे मैच मे कप्तानी की जिसमे से 67 मैचो मे जीत, 35 मैच मे हार और 4 मैच ड्रॉ रहा है। इसके अलावा एलेन बॉर्डर ने 57 टेस्ट मैच मे कप्तानी की जिसमे से 41 मैचो मे जीत, 9 मैच मे हार और 7 मैच ड्रॉ रहा है। स्टीव वॉ ही वो कप्तान है जिन्होने ऑस्ट्रेलिया टीम को दूसरी बार साल 1999 मे विश्व विजेता बनाया था।
5.रिकी पोंटिंग(2003-11)
इस खिलाडी के बारे मे बताने कोई जरुरत तो नही है क्योकि इनका नाम ही काफी ये बताने के लिए ये क्या है। ऑस्ट्रेलिया टीम के सबसे सफल कप्तान या ये कहे कि पुरे दुनिया मे सबसे सफल कप्तान है रिकी पोंटिंग, साल 2003 मे स्टीव वॉ के कप्तानी छोडने के बाद रिकी पोंटिंग को कप्तानी सौंपा गया था। रिकी पोंटिंग ने साल 2003 से लेकर साल 2011 तक ऑस्ट्रेलिया टीम कि कप्तानी संभाली थी, अपने 8 साल के कप्तानी मे रिकी पोंटिंग ने ऑस्ट्रलिया टीम के लिए 230 वनडे मैच मे कप्तानी की जिसमे से 165 मैचो मे जीत, 51 मैच मे हार और 14 मैच ड्रॉ रहा है। इसके अलावा रिकी पोंटिंग ने 77 टेस्ट मैच मे कप्तानी की जिसमे से 48 मैचो मे जीत, 16 मैच मे हार और 13 मैच ड्रॉ रहा है। रिकी पोंटिंग ऑस्ट्रेलिया को एकलौते कप्तान है जिन्होने अपने कप्तानी मे दो बार(साल 2003 और साल 2007) वर्ल्ड कप जीता है।
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