वर्ल्डकप 2019 बेस्ट टीमें: क्रिकेट का महाकुम्भ मेला शुरू ही होने वाला है , इसके दीवाने इस का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं .आइसीसी वर्ल्ड कप शुरू होने में कुछ ही समय रह गया है। इंग्लैंड और वेल्स में 30 मई से शुरू होने वाले वर्ल्ड कप आइसीसी का सबसे बड़ा और सबसे पसंद किया जाने वाला टूर्नामेंट है। वर्ल्ड कप के इस 12वें सीजन में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। टूर्नामेंट की शुरुआत राउंड रॉबिन से होगी जिसमें हर टीम एक दूसरे से एक-एक मैच खेलेगी। जिसके बाद टॉप-4 टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी और आखिर में दो बेस्ट टीमों के बीच 14 जुलाई को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। वर्ल्ड कप 2019 इंग्लैंड और वेल्स के कुल 11 अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा।
इस वर्ड कप में कौन कौन सी टीमे सेमिफ़ाइनल में पहुंचेगी ,इसके कई कयास लगाए जा रहे हैं . पूर्व भारत के कप्तान ने भी इन चार टीमों की सेमीफाइनल में पहुंचने की भविष्यवाणी की है . उनके अनुसार भारत टीम जो पिछली दो बार की विश्व कप विजेता है इस बार भी अपने मजबूत खिलाडियों के साथ जीतने की प्रबल दावेदार है .उनके अनुसार जहां ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और पाकिस्तान के साथ उसके सेमीफाइनल में जगह बनाने की पूरी संभावना है। भारत के विश्व कप 2003 के फाइनल के सफर के दौरान टीम की कमान संभालने वाले गांगुली का मानना है कि मौजूदा राउंड रोबिन प्रारूप के कारण यह सबसे कड़े प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंटों में से एक होगा। इंग्लैंड वर्ल्डकप 2019 की बेस्ट टीमों में से एक है।
सौरव गांगुली ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ”सेमीफाइनल के चार स्थानों के लिए मैं भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और पाकिस्तान का चयन करूंगा। बेशक भारत खिताब के दावेदारों में से एक है। 30 मई से शुरू हो रहे इस वर्ड कप राउंड को रॉबिन तरीके से खेला जाएगा। यानी हर टीम बाकी सब टीमों से मैच खेलेगी। और राउंड के बाद चोटी की चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेगीं। गांगुली ने कहा, ”यह सबसे कड़े प्रतिस्पर्धी विश्व कप में से एक होगा। भारतीय टीम इतनी मजबूत है कि वह किसी भी टूर्नामेंट में प्रबल दावेदार होगी। यह विश्व कप संभवत: सर्वश्रेष्ठ प्रारूप है। सभी टीमों से खेलने के बाद सर्वश्रेष्ठ चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी।” पाकिस्तान वर्ल्डकप 2019 की बेस्ट टीमों में से एक है।
फिलहाल वर्ड कप का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और हिस्सा लेने वाली सभी 10 टीमों ने कमर कसकर तैयारी शुरू कर दी है। क्रिकेट को समझने वाले इस साल भारत और मेजबान इंग्लैंड को वर्ड कप का प्रबल दावेदार मान रहे हैं । भारत तीसरी बार और इंग्लैंड पहली बार यह प्रतिष्ठित खिताब हासिल करने की कोशिश करेगा। आइये देखते हैं कि इस वर्ड कप में बाकी टीम की बारे में क्या कहा जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया वर्ल्डकप 2019 की बेस्ट टीमें में से एक है।
इनमें मौजूदा चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया (1987, 1999, 2003, 2007 और 2015 का विजेता), भारत (1983 और 2011 का विजेता), वेस्टइंडीज (1975 और 1979 का विजेता), पाकिस्तान (1992 का विजेता), श्रीलंका (1996 का विजेता), अफगानिस्तान, बांग्लादेश, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। साल 1983 और 2011 के विश्व चैम्पियन भारत को इस बार हर कोई खिताब का प्रबल दावेदार मान रहा है। आक्रामक कप्तान विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने 2018 में एशिया कप जीतने के अलावा दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के खिलाफ भी सीरीज जीती है। टीम ने हाल में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को उसके घर में ही वनडे सीरीज में मात देकर बता दिया है कि वह सिर्फ कागजों पर ही नहीं बल्कि मैदान में भी खिताब की दावेदार हैं। भारत वर्ल्डकप 2019 की बेस्ट टीमें में से एक है।
वर्ल्डकप 2019 बेस्ट टीमें: क्रिकेट के तीनों डिपार्टमेंट (बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग) में टीम का संतुलित होना, उसके लिए प्लस प्वॉइंट माना जा रहा है। रन मशीन कोहली, कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल टीम के गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। टीम का मध्यक्रम हालांकि उसके लिए चिंता सबब है, लेकिन हालिया सीरीज में टीम इस कमी से पार पाती दिख रही है।
इंग्लैंड जो तीन बार उप-विजेता रह चुका है उसको भी भारत के साथ इस बार के कप का दावेदार माना जा रहा है तो वह मेजबान इंग्लैंड हैं। 1975 में विश्व कप के शुरू होने से लेकर अब तक इंग्लैंड ने हर बार इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है, लेकिन वह आज तक कभी चैम्पियन बनने के सपने को पूरा नहीं कर पाया है। क्रिकेट की जन्मस्थली इंग्लैंड अब तक तीन बार 1979, 1987 और 1992 में फाइनल तक जरूर पहुंचा है लेकिन तीनों बार उसे उप-विजेता के तमगे से ही संतोष करना पड़ा है। मेजबान होने के नाते इंग्लैंड को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिलेगा, इसलिए वह इस बार खिताब का प्रबल दावेदार है। लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उसे इतना फायदा मिलेगा कि वह इस बार वह जीत पायेगी।
इयोन मोर्गन की कप्तानी वाली इंग्लैंड मौजूदा समय में वनडे रैंकिंग में नंबर-1 स्थान पर है। मेजबान टीम के पास जॉनी बेयरस्टो, जोए रूट, मोर्गन और विकेटकीपर जोस बटलर के रूप में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो किसी भी बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा कर सकते हैं। उसकी बड़ा लक्ष्य हासिल करने की क्षमता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
ऑस्ट्रेलिया जो पांच बार वर्ड कप जीत चुका है उसको इस बार अपने इस कप को बचाने की चुनौती है। पिछली बार विश्व कप जीतने के बाद से टीम के प्रदर्शन में चैम्पियन जैसी झलक नजर नहीं आ रही है। बीते साल बॉल टेम्परिंग मामले में स्टीवन स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर एक-एक साल का प्रतिबंध लगने के बाद से टीम बेहद कमजोर नजर आने लगी है। स्मिथ और वॉर्नर के न रहने से टीम को अपने ही घर में इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और भारत से वनडे सीरीज गंवानी पड़ी है। वर्ष 1987, 1999, 2003, 2007 और 2015 की चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया के लिए राहत की बात यह है कि विश्व कप शुरू होने से पहले ही स्मिथ और वॉर्नर पर लगा प्रतिबंध खत्म हो जाएगा। हालांकि यह देखना होगा कि क्या स्मिथ और वॉर्नर विश्व कप में टीम का खिताब बचाने के लिए उतरेंगे।
विश्व कप में ‘चोकर्स’ के नाम से मशहूर दक्षिण अफ्रीका के पास इस बार अपने ऊपर लगे इस दाग को धोने का समय है। वर्ष 1992, 1999, 2007 और 2015 में सेमीफाइनल तक का सफर तय करने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम अपने हरफनमौला खिलाड़ियों के दम पर सेमीफाइनल से आगे पहुंचना चाहेगी। एबी डिविलियर्स के संन्यास लेने के बाद से अब कप्तान फॉफ डु प्लेसिस, क्विंटन डी कॉक, हाशिम अमला और डेविड मिलर जैसे अनुभवी बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी होगी। गेंदबाजी में कगिसो रबाडा और लुंगी एनगिडी टीम के लिए गेम चेंजर बन सकते हैं। न्यूजीलैंड (छह बार सेमीफाइनल) पिछले विश्व कप में फाइनल तक पहुंचने वाली न्यूजीलैंड भी कमाल कर सकती है। छह बार सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली किवी टीम के पास रॉस टेलर, मार्टिन गुप्टिल और कप्तान केन विलियम्सन के रूप में अनुभवी बल्लेबाज मौजूद हैं।
ब्रेंडन मैक्कलम के संन्यास लेने के बाद से विलियम्सन के नेतृत्व में टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। उसने हाल में बांग्लादेश पर 3-0 से क्लीन स्वीप भी है, लेकिन उससे पहले उसे भारत के हाथों 1-4 से सीरीज गंवानी पड़ी थी। ट्रेंट बोल्ट, टिम साउदी और लॉकी फग्यूर्सन की तिकड़ी किवी टीम को पिछले बार के सपने को पूरा कर सकती है। वेस्टइंडीज (दो बार की चैम्पियन)दो बार की विश्व विजेता वेस्टइंडीज के पास विस्फोटक बल्लेबाजों की भरमार है। लेकिन टीम के गेंदबाजी आक्रामण के पास अनुभव का अभाव है। इसके अलावा वह पिछले दो विश्व कप 2011 और 2015 में क्वॉर्टर फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाई थी। टीम का हालिया प्रदर्शन भी संतोषजनक नहीं रहा है। 2017 में उसने 22 मैचों मे सिर्फ तीन और 2018 में 18 मैचों में मात्र आठ में ही जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
विश्व कप के बाद अंतररार्ष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर चुके विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल अपने इस आखिरी विश्व कप को यादगार बनाना चाहेंगे। वेस्टइंडीज के लिए राहत की बात ये है कि हाल ही में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म की थी।पाकिस्तान (एक बार की विजेता) दो साल पहले भारत को हराकर चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली पाकिस्तानी टीम को लेकर कोई भी भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी। सरफराज अहमद की टीम के पास बल्लेबाजी में वह आक्रमकता नहीं है जो उसकी गेंदबाजी में नजर आती है। टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी शोएब मलिक अब तक 279 वनडे मैच खेल चुके हैं।
37 साल के हो चुके मलिक का संभवत यह आखिरी विश्व कप हो सकता है, जिसे वह यादगार बनाना चाहेंगे। उनके अलावा मोहम्मद आमिर, बाबर आजम ऐसे प्रमुख खिलाड़ी है जो 1992 में विश्व कप जीतने वाली पाकिस्तानी टीम को मैच जिताने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। श्रीलंका (एक बार की विजेता) वर्ष 1996 में विश्व कप जीतने वाली श्रीलंकाई टीम हाल के समय सीमित ओवरों के क्रिकेट में मुश्किल दौर से गुजर रही है। पिछले संस्करण में क्वॉर्टर फाइनल से बाहर होने वाली श्रीलंकाई टीम के पास दिग्गजों की कमी है। श्रीलंका की चिंता उसके पास अच्छे खिलाड़ियों की कमी है।
विश्व विजेता बनने के लिए जो संयोजन और खिलाड़ी एक टीम को चाहिए होते हैं वह श्रीलंका में दिखाई नहीं देते। हालांकि क्रिकेट दिन विशेष का खेल है जो किसी भी समय पासा पलट सकता है। बांग्लादेश 2015 के विश्व कप में क्वॉर्टर फाइनल तक पहुंचने वाली बांग्लादेश की टीम ने उसके बाद से अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया है। टीम 2017 चैम्पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल तक पहुंची थी। 2018 में उसने 20 वनडे मैचों में से 13 मैच जीते हैं। बांग्लादेश के पास ऐसे खिलाड़ियों की फौज है जो वनडे में काफी प्रभावी साबित हो सकते हैं, लेकिन इस टीम का सबसे कमजोर पहलू उसका अति उत्साह है जिसमें आकर टीम कई बार बहुत बड़ी गलतियाँ कर जाती है। साथ ही प्रदर्शन में निरंतरता भी उसकी एक समस्या हो सकती है।
अफगानिस्तान की टीम दूसरी बार विश्व कप में भाग ले रही है। 2018 एशिया कप में उसने श्रीलंका और बांग्लादेश को हराया था और भारत के साथ टाई खेलकर यह बता दिया कि आगामी विश्व कप में उसे कम आंकना, अन्य टीमों के लिए बड़ी भूल हो सकती है। टीम की बल्लेबाजी बेशक कमजोर दिखाई दे रही हो लेकिन उसकी गेंदबाजी अन्य टीमों के लिए घातक साबित हो सकती है। लेग स्पिनर राशिद खान अफगानिस्तान के लिए ट्रम्प कार्ड साबित हो सकते हैं, जिन्होंने 44 मैचों में सबसे तेज 1०० विकेट लिए हैं। इस टीम की खासियत यह है कि यह छोटे से छोटे लक्ष्य का बचाव कर सकती है।
इस वर्ड कप में जिन जिन खेलने वालों की कमी को क्रिकेट प्रेमी इस बार मिस करेंगे उनकी भी बात करते हैं जयावर्धने उन खिलाड़ियों में से हैं जिनकी सिर्फ मौजूदगी से श्रीलंका को मजबूती मिलती थी। उन्होंने १९९९ से लेकर २०१५ तक के सभी वर्ड कप खेले हैं जयवर्धने ने श्रीलंका की तरफ से 448 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 33.37 की औसत से कुल 12,350 रन बनाए। इनमें 19 शतक और 77 अर्धशतक भी शामिल हैं। अगर वर्ल्ड कप की बात की जाए तो उन्होंने इस टूर्नामेंट में 40 मैच खेले हैं, जिसमें 35.48 की औसत से उन्होंने 1100 रन बनाए हैं। इनमें 4 शतक और चार अर्धशतक लगाए। उसके बाद हैं कुमार संगकारा श्रीलंका क्रिकेट टीम कुमार संगकारा की कप्तानी में 2011 के वर्ल्ड कप में फाइनल तक पहुंची थी। हालांकि फाइनल में इसे भारत से हार झेलनी पड़ी थी।
वर्ल्ड कप 2015 के सेमीफाइनल में हार झेलने के बाद संगकारा ने अंततराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। फिर हैं माइकल क्लार्क इनकी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने चौथा वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। ऑस्ट्रेलिया की ओर से 245 वनडे मैचों में 7891 रन क्लार्क के नाम हैं। मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज क्लार्क गेंदबाजी भी करते थे। क्लार्क तीन बार 2007, 2011 और 2015 में वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रहे हैं।
ब्रेंडन मैकलम वो तूफानी बल्लेबाज हैं जिनकी कमी फैन्स इस वर्ल्ड कप में महसूस करेंगे। मैकुलम 2003 से 2015 तक हुए सभी वर्ल्ड कप का हिस्सा रहे। एबी डिविलियर्स साउथ अफ्रीका के मिस्टर 360 के नाम से मशहूर एबी डिविलियर्स की जगह क्रिकेट में शायद ही कोई ले सकता हो। उन्होंने अपने करियर में कुल 228 वनडे मैच खेले हैं जिसमें 53.50 की औसत से 9577 रन बनाए हैं।
फिर भी शो तो चलेगा कोई रहे या नहीं रहे ,सब इस वर्ड कप का बेसब्री से इंतज़ार कर रहें हैं और देखते हैं इस बार यह कप कौन ले कर जाता है|
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