भारत की पहली एलजीबीटीक्यू प्लस एथलीट दुती चंद देश के लिए महिला 100 मीटर कैटेगरी और ट्रैक फील्ड इवेंट में हिस्सा लेती हैं। एक गरीब परिवार में जन्म लेनी वाली दुती करोडों भारतीय लोगों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है, क्योंकि पीटी उषा के बाद एशियन गेम्स में 32 साल के बाद किसी एथलीट ने देश के लिए पदक जीता था।
दुती चंद शुरूआती जीवन
उडीसा के जयपुर जिले की रहने वाली दुती चंद का जन्म 3 फरवरी 1996 को हुआ था, दुती के पिता का नाम चक्राधर चंद और मां का नाम अकुजी चंद है। गरिबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार से आने वाली दुती ने अपनी पढ़ाई उडिसा के चका गोपालपुर गांव में स्थित एक लोकल स्कूल ने शिक्षा ली है। इसके बाद अपनी बैचलर डिग्री के लिए उन्होंने भुवनेश्वर के केआईआईटी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया।
एक प्रोफेशनल स्प्रिंटर बनने के लिए दुती को कई कठिनाईयों से होकर गुजरना पड़ा, 23 साल की दुती के पास प्रेरणा देने वालों की कमी नहीं थी, जिसमें उन्होंने अपनी बहन के साथ स्टेट लेवल स्प्रिंटर में 6 मेडल जीते थे।
दुती चंद पर्सनल जीवन
भारतीय स्प्रिंटर दुती चंद मौजूदा समय में उडीसा राज्य सरकार के पीएसयू दी उडीसा माइनिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड में एक्जीक्यूटिव ऑफीसर के पद पर तैनात हैं। भारतीय उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले आर्टिकल 377 को खत्म करने के बाद इस भारतीय स्प्रिंटर ने खुद को लेकर इस बात का खुलासा किया था। इसके बाद दुती को काफी आलोचना का भी शिकार होना पड़ा था।
एक इंटरव्यू के दौरान दुती ने अपने सेम सेक्स रिलेशनशिप को लेकर खुलासा किया था, जिसमें वह अपने गांव की एक 19 साल की लड़की के साथ रिलेशनशिप में हैं, लेकिन उन्होंने उसके नाम का खुलासा नहीं किया था।
प्रोफेशनल जीवन
16 साल की उम्र में जब दुती चंद ने अंडर19 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 11.8 सेंकेड में रेस को पूरा कर लिया तो सभी का ध्यान उनकी तरफ गया। जिसके बाद दुती ने एशियन एथलेटिक चैंपियनशिप में 23.811 सेंकेड में 200 मीटर की रेस को पूरा करते हुए कांस्य पदक जीता था।
साल 2013 दुती के लिए एक सुनहरा वर्ष साबित हुआ जिसमें दुती ने यूक्रेन में हुए वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप के फाइनल में क्वॉलीफाइ करने वाली पहली भारतीय स्प्रिंटर बन गयी थी। इसी साल दुती ने 2 बार नेशनल चैंपियन भी बनी जिसमें उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर कैटेगिरी में पदक जीते।
दुती की सफलता में उस समय एक बड़ा ब्रेक लगा जब वह हाइपर एंड्रोजिनिज्म स्कैंडल में फस गयी थी, जिसके बाद उन्हें 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स से बाहर कर दिया गया था। हाइपर एंड्रोजिनिज्म एक ऐसा सिंड्रोम है, जो फीमेल एथलीट में काफी कम पाया जाता है।
इस विवाद के 2 साल बाद दुती ने एएफआई और आईएएएफ को कोर्ट में लेकर जाने का फैसला किया और उन्होंने सीएस के सामने अपनी अपील को सुनने की रिक्वेस्ट की जिसके बाद सीएस ने दुती को ग्लोबल इवेंट में हिस्सा लेने की अनुमती दे दी।
बैन हटने के बाद दुती चंद ने जोरदार वापसी करते हुए 100 मीटर और 200 मीटर नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप जो कोलकाता हुई थी उसमें पदक हासिल किया। इसके बाद वह साल 2016 के रियो ओलम्पिक के लिए क्वॉलीफाइ कर गयी और तीसरी भारतीय महिला एथलीट बनी जो 100 मीटर रेस में हिस्सा लेने वाली थी।
रियो ओलम्पिक के बाद दुती ने अपनी ट्रेनिंग हैदराबाद में पीवी सिंधू के साथ शुरू की और साल 2019 में दुती ने 100 मीटर यूनीवर्साइड में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला स्प्रिंटर बन गई। दुची ने 11.32 सेकेंड में अपनी रेस को पूरा किया था।
सम्मान और उपलब्धियां
एशियन गेम्स-
एशियन चैंपियनशिप-
एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप-
एशियन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप-
अवार्ड
उडीसा की राज्य सरकार ने दुती चंद के साल 2018 एशिय गेम्स में सिल्वर पदक जीतने के बाद उन्हें सम्मान के तौर पर 3 करोड़ की धनराशी दी थी।
दुती चंद निजी जानकारी
शारीरिक मापदंड
विवाद
साल 2013 में 2 बार 100 मीटर और 200 मीटर इवेंट में नेशनल चैंपियन बनने के बाद दुती चंद का नाम पूरे देश में काफी तेज़ी के साथ फैला। इस भारतीय स्प्रिंट को उस समय बड़ा झटका लगा जब साल 2014 में हाइपर एंड्रोजिनिज्म के कारण उन्हें ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से बाहर कर दिया गया।
जिन लोगों को हाइपर एंड्रोजिनिज्म के बारे में नहीं पता है, तो उनकी जानकारी के लिए बताते हैं, कि यह एक ऐसी मेडिकल कंडीशन होती है, जिसमें किसी इंसान का टेस्ट्रोन लेवल एक सामान्य इंसान से कहीं अधिक होता है।
लेकिन दुती एक ऐसी लड़की नहीं थी, जो इन सभी चीज़ो से हार मानकर बैठ जाए और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय एसोसियेशनल ऑफ एथलीट फेडरेशन को कोर्ट ऑफ आर्बिरेशन फॉर स्पोर्ट में लेकर गयी।
साल 2015 में सीएस ने दुती चंद के ग्लोबल इवेंट में हिस्सा लेने के बैन को हटा दिया जिसके बाद उन्होंने आईआईएफ को उनकी बात साबित करने के लिए 2 साल का समय भी दिया जिसमें वह नाकाम रहे और इससे दुती की वापसी आसानी से फिर ट्रैक पर हो गयी।
इस फैसले के तुरंत बाद दुती चंद ने जोरदार वापसी करते हुए नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप जो कोलकाता में हुई थी, उसमें 100 मीटर और 200 मीटर में पदक हासिल किया।
दुती चंद नेटवर्थ
दुती चंद की नेटवर्थ को लेकर बात करी जाए तो वह 1 मिलियन डॉलर के आसपास हैं।
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