साल 2019 क्रिकेट फैंस के लिए एक और बेहतरीन वर्ष की तरह साबित हुआ जिसमें उन्हें कई रोमांचक सीरीज़ देखने का मौका मिला। जहां साल की शुरुआत भारीतय टीम की ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर 70 सालों के लम्बे इंतजार के बाद टेस्ट सीरीज़ में जीत के साथ हुई तो वहीं वर्ल्डकप 2019 के रोमांचक फाइनल को फैंस आने वाले कई सालों तक नहीं भूलने वाले हैं और इसके बाद ऑस्ट्रेलियन टीम का इंग्लैंड के खिलाफ एशेज को रिटेन करना।
वहीं इस साल बेन स्टोक्स जहां इंग्लैंड के लिए मैच विनर खिलाड़ी बने तो वहीं भारतीय टीम के लिए रोहित शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के लिए पैट कमिंस ने पूरे साल शानदार खेल दिखाया इसके अलावा पाकिस्तान केे बाबर आजम ने भी अपनी टीम के सबसे मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरे।
इन सभी के अलावा हमने इस साल कई नये युवा खिलाड़ियों को भी देखा जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल के जरिए सभी को प्रभावित किया, क्योंकि किसी भी युवा खिलाड़ी के इस स्तर पर प्रदर्शन करना आसान काम नहीं होता है, जिसके पीछे सबसे बड़ा कारण घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दबाव का अंतर है।
आईये एक नजर डालते हैं, इस साल के टॉप 5 नये खिलाड़ियों की खोज़ पर
1 – निकोलस पूरन (वेस्टइंडीज़)
निकोलस पूरन जो विंडीज़ टीम में मध्यक्रम में बल्लेबाज़ी करते हैं और एक आक्रामक स्वभाव के खिलाड़ी हैं, वह लिमिटेड ओवर्स में टीम के लिए इस साल सबसे बड़ी खोज के तौर पर कहे जा सकते हैं। पूरन ने अपनी प्रतिभा के बार में सबसे पहले साल 2013 की कैरिबयन प्रीमियर लीग और आईसीसी अंडर 19 में अवगत कराया था।
लेकिन उसके बाद एक कार दुर्घटना में उन्हें क्रिकेट मैदान से लम्बे समय के लिए बाहर बैठना पड़ा, जिसके बाद साल 2016 में पूरन को पाकिस्तान के खिलाफ अपने देश के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेलने का मौका मिला, लेकिन तीन मैचो में वह अपना प्रभाव छोड़ने में नाकाम साबित हुए जिस कारण उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
साल 2018 में हुई ग्लोबल कनाडा लीग में पूरन ने एकबार फिर से अपने पुराने फार्म को दर्शाया जिसके बाद पिछले साल भारत के खिलाफ हुई टी20 सीरीज़ के लिए उनको टीम में जगह मिली और इसके बाद इस खिलाड़ी ने अपने करियर में पीछे मुड़कर नहीं देखा। वनडे में पूरन को पिछले साल पदार्पण करने का मौका मिला और उसके बाद से लिमिटेड ओवर्स में निकोलस पूरन टीम का एक महत्तवपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।
वर्ल्डकप 2019 में निकोलस पूरन ने टीम के लिए बल्ले से सबसे अधिक रन बनाये जिसमें 24 साल के इस खिलाड़ी ने 52.42 के औसत के साथ 367 रन बनाये। निकोलस पूरन की बल्लेबाज़ी में जो सबसे अच्छी बात है, वह यह कि मिडिल ओवर्स में पूरन तेजी के साथ रन बनाते हैं, जिससे टीम बड़ा स्कोर बनाने में कामयाब होती है। विकेटकीपर बल्लेबाज़ पूरन स्पिन को भी काफी आसानी से खेलते हैं, जिस कारण किसी भी टीम के लिए उनका विकेट लेना आसान काम नहीं दिखता है। साल 2019 में पूरन ने वनडे मेें 50 के करीब औसत के साथ 639 रन बनाये जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 106 के भी उपर रहा है।
2 – मयंक अग्रवाल
मयंक अग्रवाल एकलौते ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं, जिनको इस लिस्ट में जगह मिली हैं। साल 2018 के अंत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना कदम रखने वाले अग्रवाल ने कमिंस, हेजलवुड, लियोन और स्टार्क जैसे गेंदबाज़ो का ऑस्ट्रेलियन कंडीशन में शानदार तरीके से सामना किया। टीम में अपनी जगह बनाने के लिए अग्रवाल ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया जिसके बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें आखिरकार टीम में जगह देनी ही पड़ी।
ओपनिंग बल्लेबाज़ मयंक अग्रवाल के अंदर रनों के लिए एक भूख को देखा जा सकता है, जिस कारण अपने डेब्यू के बाद से वह टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए एक महत्तवपूर्ण खिलाड़ी बन चुके हैं। अपने छोटे से करियर में अभी तक मयंक ने 9 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें 67 से अधिक के औसत के साथ इस बल्लेबाज़ ने 872 रन बनाये हैं। अग्रवाल ने दौरान तीन अर्धशतक और तीन शतकीय पारियां खेली हैं, जिसमें 2 दोहरे शतक भी शामिल हैं।
कर्नाटका से आने वाले इस मेहनती खिलाड़ी नेे टेस्ट क्रिकेट में अपनी जगह को पूरी तरह से पक्का कर लिया है और 28 साल के अग्रवाल को तेज़ गेंदबाज़ी या स्पिन को खेलने में किसी भी तरह की दिक्कत में नहीं देखा जाता है। तकनीकी तौर पर पूरी तरह सक्षम होने की वजह से अग्रवाल विदेशी जमीन पर काफी सफल खिलाड़ी के तौर पर साबित हो सकते हैं।
3 – एलेक्स कैरी
वर्ल्डकप 2019 से पहले एलेक्स टायसन कैरी को ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाज़ी क्रम में एक कमजोर कड़ी के तौर पर देखा जाता था, जिसमें कई पूर्व खिलाड़ियों का मानना था, कि कैरी जगह पर मैथ्यू वेड को टीम में जगह दी जानी चाहिए थी, जो उस समय एक तर्कसंगत बात लगती थी, क्योंकि कैरी का वर्ल्डकप से पहले 83 वनडे मैचो में औसत 30.64 का था, लेकिन इसके बावजूद ऑस्ट्रेलियन टीम के चनयकर्ताओं ने कैरी के उपर अपने भरोसे को कायम रखा।
जिसके बाद इस विकेटकीपर बल्लेबाज़ ने भी किसी को निराश ना करते हुए वर्ल्डकप में शानदार प्रदर्शन किया। 28 साल के कैरी ने विश्वकप में 62 से अधिक के औसत के साथ 375 रन बनाये जिसमें उनका स्ट्राइक रेट भी 104 का था। कई मैचो में 7 वें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने के बावजूद कैरी ने टीम के लिए शानदार योगदान दिया।
जहां न्यूज़ीलैंड के खिलाफ विश्वकप के मैच में डेविड वार्नर, एरोन फिंच और स्टीव स्मिथ जैसे खिलाड़ी कुछ खास नहीं कर सके तो उस समय कैरी ने ही 72 गेंदो में 71 रनों की मैच विनिंग पारी टीम के लिए खेली थी। इंग्लैंड के खिलाफ विश्वकप के सेमीफाइनल मैच में भी एलेक्स कैरी ने अपनी अभूतपूर्व प्रतिभा का परिचय देते हुए स्टीव स्मिथ के 5 वें विकेट के लिए शानदार शतकीय साझेदारी की थी।
4 – जोफ्रा आर्चर
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस साल यदि किसी खिलाड़ी ने सबसे अधिक सुर्खियां बटोरने का काम किया है, तो वह इंग्लैंड के लिए डेब्यू करने वाले तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर हैं, जो इस साल की सबसे बड़ी खोज़ के तौर पर देखे जा सकते हैं।
दायें हाथ के तेज़ गेंदबाज़ जोफ्रा आर्चर काफी लम्बे समय से इंग्लैंड की घरेलू क्रिकेट में सरे टीम के लिए खेलने के साथ विश्व में होने वाली कई टी20 लीग में अपनी गेंदबाज़ी का जलवा दिखा रहे थे। जोफ्रा आर्चर को विश्वकप से ठीक पहले इंग्लैंड की टीम में शामिल किया गया, क्योंकि बारबाडोस में जन्म लेने वाले जोफ्रा को इंग्लैंड की विश्वकप के लिए घोषित हुई प्रीलीमरी स्कॉवड में शामिल नहीं किया गया था।
24 साल के जोफ्रा आर्चर मौजूदा समय में इंग्लैंड के लिए तीनों ही फार्मेट में प्रमुख गेंदबाज़ के तौर पर खेल रहे हैं। आर्चर ने विश्वकप 2019 का अंत सबसे सफल गेंदबाज़ के तौर पर किया जिसमें उन्होंने 20 विकेट अपने नाम पर किए थे। आर्चर की सफलता सिर्फ लिमिटेड ओवर्स तक ही सीमित नहीं रही बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी उनका जलवा देखने को मिला और अभी तक 4 टेस्ट मैचो में खेलते हुए आर्चर ने 22 विकेट अपने नाम पर किये हैं, जिसमें 2 बार 5 विकेट एक पारी में हासिल किए हैं।
5 – मार्नश लाबुशाने
बल्लेबाज़ी में इस साल की सबसे बड़ी खोज़ के तौर पर बिना किसी संदेह के मार्नश लाबुशाने का नाम लिया जा सकता हैं। जब लाबुशाने ने टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा था, तो प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका कोई खास प्रदर्शन नहीं था। एशेज से पहले लाबुशाने का टेस्ट में औसत सिर्फ 26.25 का था, लेकिन उसके बाद इस एशेज से पहले काउंटी क्रिकेट मे उनका ग्लोमोर्गन के लिए खेलने के फैसले ने पूरी तस्वीर को ही बदल दिया।
लाबुशाने ने इस साल अभी तक 10 टेस्ट मैचो में 61 के शानदार औसत के साथ 1100 रन बना चुके हैं और काउंटी में खेलने के फैसले ने उन्हें जहां एशेज टीम में जगह दिलाई तो उसके बाद स्टीव स्मिथ के घायल होने पर उन्हें टीम में खेलने का मौका मिला जिसका मार्नश लाबुशाने ने दोनों हाथों से लाभ उठाते हुए पूरी तरह से टीम में अपनी जगह को सुरक्षित कर लिया।
25 साल के मार्शन लाबुशाने ने जब अपने करियर में पहली एशेज पारी खेली तो उसके बाद से वह ऑस्ट्रेलियन टीम के लिए इस साल सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन चुके हैं। अपने इस प्रदर्शन का इनाम लाबुशाने को आईसीसी टेस्ट रैकिंग में भी मिला जिसमें वह इस समय पांचवे स्थान पर काबिज हैं।
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