भारत और अफगान का रिश्ता तो वैसे बेहद पुराना है मगर क्रिकेट के मैदान में भारत अफगानिस्तान से बहुत ज्यादा आगे है। ये कहना भी गलत नहीं होगा कि, अफगान की क्रिकेट को सुधारने का श्रेय भी भारत को ही जाता है। जी हाँ मैं ऐसा इस लिए कह रहा हूँ क्योकि भारत ने अफगान क्रिकेट बोर्ड को क्रिकेट को बढ़ावा देने में बहुत मदद किया है। आपको बता दे कि, अफगानिस्तान का घरेलू मैदान भारत में ही है और जो भी टीम भारत से खेलने भारत में आती है उसे पहले एक मैच अफगानिस्तान से भी खेलना होता है।
India Beat Afghanistan: अफगानिस्तान के विकेटों के पतन की शुरुआत 20 के कुल स्कोर से शुरु हुई। शमी ने हजरतुल्लाह जजाई को 10 रनों के निजी स्कोर पर पवेलियन भेजा। इसके बाद कप्तान गुलबदीन नाइब (27) और रहमत शाह (36) ने दूसरे विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी की लेकिन पांड्या ने अफगानी कप्तान को 64 के कुल स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। रहमत ने हसमतुल्लाह शाहिदी (21) के साथ मिलकर टीम को लक्ष्य के पास ले जाने की कोशिश की जिसे बुमराह ने नाकाम कर दिया। उन्होंने रहमत को युजवेंद्र चहल के हाथों 106 के कुल स्कोर पर कैच कराया। इसी ओवर में बुमराह ने शाहिदी को भी अपने ही ओवर में कैच आउट कर अफगानिस्तान को एक और बड़ा झटका दिया।
इसके बाद यजुवेंद्र चहल ने 190 के कुल स्कोर पर राशिद खान को महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्पिंग कराया, लेकिन मोहम्मद नबी एक छोर पर खड़े होकर रन बनाते रहे। उन्होंने अपनी टीम को जीत के काफी करीब ला दिया था। दो ओवरों में अफगानिस्तान को 21 रन चाहिए थे। यहां बुमराह ने 49वां ओवर किया और सिर्फ 5 रन दिए. नबी के रहते अफगानिस्तान को उम्मीदें थे और आखिरी ओवर की पहली गेंद पर चौका पड़ने से टार्गेट के वे काफी करीब पहुँच गए थे, लेकिन शमी ने शानदार वापसी कर न सिर्फ अपना नाम इतिहास में दर्ज कराया बल्कि भारत को उलटफेर का शिकार होने से बचा लिया। नबी ने 55 गेंदों का सामना किया और 4 चौकों के अलावा 1 छक्का मारा।
भारत के सिर्फ दो बल्लेबाज, विराट कोहली (67) और केदार जाधव (52) ही अर्धशतक लगाने में कामयाब रहें। पांचवें ओवर की दूसरी गेंद पर जब भारत का स्कोर सिर्फ 7 रन था तभी मुजीब ने रोहित शर्मा (1) को बोल्ड कर भारत को बड़ा झटका दिया था। कोहली और लोकेश राहुल ने अच्छी तरह टीम को संभाला और कुछ हद तक रनगति भी बढ़ाई, लेकिन राहुल, नबी की गेंद पर रिवर्स स्वीप करने की गलती कर बैठे और शॉर्ट थर्ड मैन पर जजाई के हाथों में एक आसान सा कैच थमा बैठे।
राहुल का विकेट 64 के कुल स्कोर पर गिरा। उन्होंने 53 गेंदों पर 2 चौकों की मदद से 30 रन बनाए। चौथे नंबर पर आए विजय शंकर के पास बड़ी पारी खेलने का बेहतरीन मौका था, लेकिन वह 41 गेंदों पर 29 रनों से आगे अपनी पारी को नहीं ले जा पाए। 122 के कुल स्कोर पर वह रहमत की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। शंकर ने रिव्यू लिया जो असफल रहा। इस बीच कोहली ने अपने वनडे करियर का 52वां अर्धशतक जमा दिया था, लेकिन नबी की गेंद पर कट करने गए कोहली रहमत के हाथो कैच आउट हो गए। मैच में कोहली ने 63 गेंदे खेली जिसमें 5 चौके लगाए।
विश्वकप के लीग मैच अपने अंतिम मुकाम पर आ पहुँचे हैं। प्रत्येक टीम ने 5 से अधिक मैच खेल लिए हैं। अंको के फेर को समझे तो, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, भारत व इंग्लैंड का पहुंचना लगभग तय हो चुका है तो वहीं साउथ अफ्रीका, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश की टीम को अंतिम 4 में पहुचनें के लिए कुछ अलग करना होगा और यह भी दुआ करना होगा कि, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, भारत व इंग्लैंड अपने मैच हार जाए। और अगर बात करें अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज की तो वे दोनों टीमें ही विश्वकप की रेस से बाहर हो चुकी हैं।
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