भारतीय आर्चरी खिलाड़ी जयंत तालुकदार जो अंतरराष्ट्रीय इवेंट में देश का नेतृत्व करते हैं। जयंत ने एशियन और साउथ एशियन गेम्स में तीरंदाजी में गोल्ड मेडली जीता है, इसके अलावा उन्हें साल 2007 में आर्चरी में शानदार प्रदर्शन करने के लिए अर्जुन पुरस्कार भी दिया जा चुका है।
शुरूआती जीवन
आसाम के गुवाहटी में 2 मार्च 1986 को जयंत तालुकदार का जन्म हुआ था। जयंत के पिता का नाम राजन तालुकदार है, जो एक खदान के मालिक थे, इसके अलावा जयंत का एक बड़ा भाई भी है, जिसका नाम निखिलेश तालुकदार है। जयंत की प्रतिभा को एक टेलेंट हंट शो के दौरान टाटा आर्चरी एकेडमी के कोचों ने पहचानी थी, जिसके बाद उन्हें साल 2000 में जमशेदपुर में होने वाले ट्रायल्स के लिए बुलाया गया था। 14 साल के जयंत जिन्होंने अपने पूरे जीवन में पहले कंधो पर धुनष को उठाया था वह कैंप के लिए चयन होने वाले 50 नामों में से एक थे।
प्रोफेशनल जीवन
साल 2000 में जब जयंत तालुकदार ने आर्चरी का अभ्यास करना शुरू किया था, तो उसके बाद ही गुवाहटी में हुए टैलेंट हंट ट्रायल में उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उस समय जयंत को यह भी नहीं पता था, कि वह आर्चरी को एक प्रोफेशन के तौर पर ले सकते थे, लेकिन उनकी किस्मत ने उन्हें इस खेल की तरफ आगे बढ़ाया। 14 साल के जयंत ने उस समय सभी को अचम्भे में डाल दिया जब उनका चयन इंडियन जूनियर नेशनल टीम में हुआ। भारतीय टीम ने साल 2004 के उस जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीत के साथ खत्म किया था।
इसके बाद साल 2005 में जयंत सीनियर नेशनल टीम का हिस्सा बन गए जिसमें उन्होंने अपनी जग कई बड़े नामों को पीछे छोड़ते हुए नेशनल चैंपियन बनकर हासिल की। इसके अलगे साल हुए साउथ एशियन गेम्स में जयंत तालुकदार ने गोल्ड मेडल जीता। वहीं साल 2006 में हुए FITA मेटेक्सन आर्चरी वर्ल्डकप में गोल्ड मेडल जीतकर जयंत पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए थे। जिसके बाद इसी साल हुए दोहा गेम्स में जयंत ने कांस्य पदक जीता वहीं सैफ गेम्स में जयंत ने अपने ही साथी खिलाड़ी तरूणदीप रॉय को हराकर गोल्ड मेडल जीता था।
तालुकदार के लिए साल 2006 एक खिलाड़ी के तौर पर काफी शानदार रहा क्योंकि इस दौरान उन्होंने अपनी जीत का सिलसिला पूरे विश्व को दिखाया। जयंत तालुकदार ने कोच्ची में हुए सीनियर नेशनल में गोल्ड मेडल जीतकर ओलंपिक राउंड के लिए अपनी जगह को पक्का कर लिया था। इसके अगले साल भारत सरकार की तरफ से उन्हें अर्जुन पुरस्कार दिया गया। अपने पूरे करियर में जयंत को लगातार टाटा स्टील की तरफ से स्पांसरशिप मिली रही।
21 जून 2012 को जयंत तालुकदार ने लंदन ओलंपिक के लिए पुरूष टीम के साथ अपनी जगह को पक्का कर लिया था। जयंत ने व्यक्तिगत और टीम इवेंट दोनों में हिस्सा लिया था, लेकिन वह किसी भी तरह का प्रभाव दिखाने में कामयाब नहीं हो सके थे। साल 2015 में हुए एशियन आर्चरी चैंपियनशिप में जयंत ने दीपिका कुमारी के साथ रिकर्व मिक्सड टीम इवेंट में कांस्य पदक जीता था। वर्तमान में जयंत गुवाहटी में टाटा स्टील कॉरपोरेशन में काम कर रहे हैं।
अचीवमेंट
निजी जानकारी
फिजिकल माप
नेटवर्थ
वर्तमान में जयंत तालुकदार टाटा स्टील कॉरपोरेशन में नौकरी कर रहे हैं। इसके अलावा उन्हें आर्चरी में नकद पुरस्कार भी मिल चुके हैं। फिलहाल अभी जयंत की नेटवर्थ को लेकर किसी भी तरह की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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