इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने वाली 8 टीमों में से एक Mumbai Indians जो महाराष्ट्र के मुम्बई शहर का आईपीएल में प्रतिनिधित्व करती हैं। साल 2008 में इस टीम को देश के सबसे बड़े बिजनेसमैन और रिलायंस इंडस्ट्री के मालिक मुकेश अंबानी ने खरीदा था, जिनके पास टीम के पूरे 100 प्रतिशत शेयर हैं। मुम्बई इंडियंस की टीम IPL में अपने घरेलू मैच मुम्बई के वानखेडे स्टेडियम में खेलती है, जिसकी क्षमता 33000 दर्शकों की है।

साल 2017 में मुंबई इंडियंस की टीम पहली ऐसी फ्रेंचाइज़ी बन गयी थी, जिसकी ब्रांड वैल्यू 100 मीलियन से अधिक थी। वहीं साल 2019 में मुम्बई इंडियंस की ब्रांड वैल्यू लगभग 809 करोड़ रुपये थे, जो बाकी IPL फ्रेंचाइजियों से कहीं अधिक हैं। आईपीएल में Mumbai Indians अभी तक के 12 सीज़न में सबसे सफल टीम रही है और टीम ने 4 बार खिताब पर कब्जा किया है।

मौजूदा समय में Mumbai Indians टीम की कप्तानी रोहित शर्मा के कंधो पर हैं, तो वहीं टीम के मुख्य कोच के तौर पर महेला जयवर्धने हैं और दोनों की जोड़ी ने टीम को शानदार परिणाम दिए हैं, जिसमें रोहित जहां टीम के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं, तो वहीं लसिथ मलिंगा ने टीम के लिए सबसे अधिक विकेट हासिल किए हैं।

आईये एक नज़र डालते हैं, मुंबई इंडियंस के IPL में अब तक के पूरे सफर पर

पहले 2 सीज़न में करना पड़ा बेहद संघर्ष

IPL की जब शुरुआत की गयी थी, तो 4 खिलाड़ियों को आईकन की लिस्ट में डाला गया था, जिसमें वह अपने शहर की ही टीम से खेल सकते हैं और उन्हें कोई दूसरी फ्रेंचाइज़ी नहीं खरीद सकती हैं। इस कारण मुम्बई इंडियंस को आईकन खिलाड़ी के तौर पर सचिन तेंदुलकर मिले थे। आईकन खिलाड़ी को टीम में शामिल सबसे महंगे खिलाड़ी से 15 प्रतिशत अधिक राशी फ्रेंचाइज़ी को देने का नियम रखा गया।

पहले IPL सीज़न को लेकर साल 2008 की फरवरी में निलामी प्रक्रिया हुई थी, जिसमें Mumbai Indians की टीम ने कई दिग्गज़ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया, जिसमें सनथ जयसूर्या, हरभजन सिंह, शॉन पोलाक, लसिथ मलिंगा और रॉबिन उथप्पा शामिल थे।

इसके बाद फ्रेंचाइजी ने सचिन तेंदुलकर को अपनी टीम का कप्तान बनाने के साथ पूर्व भारतीय खिलाड़ी लालचंद राजपूत को टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया। लेकिन सीज़न की शुरुआत होने से पहले सचिन चोटिल हो गए जिसके बाद हरभजन सिंह को टीम का नया कप्तान बनाया गया।

टीम की पहले सीज़न में शुरुआत अच्छी नहीं रही और पहले ही मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर से उन्हें 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। वहीं नये कप्तान हरभजन सिंह को थप्पड़ कांड की वजह से बैन कर दिया गया। इसके बाद शॉन पोलाक को नया कप्तान नियुक्त किया गया, वहीं सचिन भी फिट होकर 24 मई 2008 के कप्तान के तौर पर वापस आ चुके थे।

पोलाक की कप्तानी में मुम्बई इंडियंस की टीम ने 6 में से 6 मैच जीत हासिल कर ली थी और सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए अगले 4 मैचो में से किसी 2 में टीम को जीतना था। इसके बाद अगले तीन मैचो में मुंबई इंडियंस को आखिरी ओवर में हार का सामना करना पड़ा। वहीं आखिरी लीग मैच में जीत हासिल करने के बाद मुम्बई इंडियंस की टीम ने अपना पहला सीज़न 7 जीत और 7 हार के साथ 5 वें स्थान पर रहते हुए खत्म किया।

वहीं साल 2009 में इंडियन प्रीमियर लीग का दूसरा सीज़न साउथ अफ्रीका में खेला गया और इस सीज़न से शुरु होने से पहले हुई ट्रेडिंग विंडो में मुम्बई की टीम ने रॉबिन उथप्पा की जगह पर जहीर खान को अपनी टीम में शामिल किया वहीं आशीष नेहरा की जगह पर उन्होंने शिखर धवन को भी टीम में लिया।

पहले सीज़न के बाद जहां शॉन पोलाक ने संन्यास ले लिया था, जिसके बाद उन्हें टीम का मुख्य कोच नियुक्त कर दिया गया, वहीं लसिथ मलिंगा जो चोट के कारण पहला सीज़न नहीं खेल सके थे वह भी दूसरे सीज़न के लिए टीम के साथ जुडे। नीलामी में मुम्बई ने जेपी ड्यूमनी को खरीदा जिससे बल्लेबाज़ी क्रम को मजबूत किया जा सके।

दूसरे सीज़न में Mumbai Indians का पहला मैच चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ हुआ जिसमें टीम ने बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया और पूरे सीज़न में टीम तेंदुलकर और ड्यूमनी की बल्लेबाज़ी पर अधिक निर्भर होती दिखाई दी। जिस कारण जब दूसरा सीज़न खत्म हुआ तो मुम्बई इंडियंस की टीम 14 मैचो में से सिर्फ 5 में ही जीत हासिल कर सकी और लीग टेबल में 7 वें स्थान पर रहते हुए खत्म किया।

2010 से 2012 के बीच में मजबूत टीम बनकर उभरे

साल 2010 के आईपीएल सीज़न में मुम्बई इंडियंस की टीम ने नीलामी में वेस्टइंडीज़ के ऑलराउंडर खिलाड़ी कायरन पोलार्ड को मोटी रकम देते हुए खरीदा था, इसके अलावा मुम्बई की टीम ने नीलामी के बाद 10 अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों को भी अपनी टीम में शामिल किया था। वहीं मुख्य कोच के तौर पर रॉबिन सिंह को नियुक्त करने के साथ शॉन पोलाक को टीम का गेंदबाज़ी कोच बनाने के साथ अपने घरेलू मैदान वानखेडे के जगह पर ब्रेबोन स्टेडियम को चुना क्योंकि वानखेडे में साल 2011 के विश्वकप के मैचो को लेकर वहां पर निर्माण कार्य शुरु हो गया था।

मुम्बई की टीम ने इसके बाद तीसरे सीज़न की शुरुआत धमाकेदार तरीके से करते हुए अपने पहले 8 में से 7 मैचो में जीत हासिल की और ऐसा सचिन तेंदुलकर, हरभजन सिंह, अंबाती रायडू, सौरभ तिवारी और लसिथ मलिंगा के शानदार प्रदर्शन के कारण हो सका। इसके बाद अपने बाकी के 6 लीग मैचो में से 3 में जीत दर्ज करने के साथ 14 मैचो में 20 अंको के साथ प्वाइंट्स टेबल पर पहले स्थान पर खत्म करने के साथ सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली।

सेमीफाइनल में टीम की भिडंत रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के साथ हुई जिसमें टीम ने 35 रनों से जीत हासिल करके पहली बार फाइनल में पहुंची। इसके बाद टीम का फाइनल में मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ हुआ जिसमें टीम को 22 रनों से हार का सामना करना पड़ा। वहीं पूरे सीज़न में सचिन तेंदुलकर ने सबसे अधिक 618 रन बनाने के साथ ऑरेंज कैप को अपने नाम पर किया था। मुम्बई की टीम उस साल हुई चैंपियंस लीग के लिए भी क्वालीफाइ कर गयी लेकिन 4 में से 2 मैच में हारने के बाद टीम पहले दौर से ही बाहर हो गयी।

इसके बाद साल 2011 में IPL गवर्निंग काउंसिल ने इस बात का ऐलान किया कि हर टीम अपनी पिछली टीम से सिर्फ 4 खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती है और बाकी खिलाड़ियों को नीलामी प्रक्रिया से होकर जाना होगा, जिसके बाद Mumbai Indians की टीम ने सचिन तेंदुलकर, हरभजन सिंह, कायरन पोलार्ड और लसिथ मलिंगा को रिटेन करने का फैसला किया।

वहीं नीलामी में मुम्बई की टीम ने रोहित शर्मा को 2 मिलियन डॉलर में खरीदने के साथ ऑस्ट्रेलियन ऑलराउंडर एंड्रयू साइमंड्स को 8 लाख 50 हजार डॉलर में खरीदा। वहीं सीज़न की शुरूआत में मुम्बई की टीम ने अपने 10 शुरुआती लीग मैचो में से 8 में जीत हासिल कर ली लेकिन टीम को अपने आखिरी 3 लीग मैचो में टीम को लगातार हार का सामना करना पड़ा।

लीग मैच खत्म होने के बाद टीम ने 14 मैचो में 18 अंक बटोरकर प्लेऑफ के लिए क्वालीफाइ कर लिया जहां एलिमिनेटर मैच में उनका सामना कोलकाता नाइट राइडर्स से हुआ जिसमें टीम ने 4 विकेट से जीत हासिल करके दूसरे क्वालीफायर के लिए अपनी जगह पक्की कर ली। जिसमें उनका मुकाबला आरसीबी की टीम के साथ हुआ और इसमें टीम को 43 रनों से हार का सामना करना पड़ा जिसके बाद टीम का ये सीज़न यहीं पर खत्म हो गया।

लेकिन मुम्बई की टीम ने उस साल भारत में हुई चैंपियंस लीग टी20 टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाइ कर लिया था, जिसमें टीम ने फाइनल तक का सफर तय करते हुए आरसीबी की टीम को 31 रनों से मात देते हुए एक टीम के तौर पर अपना पहला टी20 खिताब जीता।

साल 2012 के IPL सीज़न से पहले मुंबई इंडियंस की टीम ने ट्रेड विंडो के तहत दिनेश कार्तिक और प्रज्ञान ओझा को लेकर ट्रेड किया। वहीं नीलामी में टीम ने 5 खिलाड़ियों को खरीदा जिसमें आरपी सिंह, थिसारा परेरा, मिचल जॉनसन वहीं सीज़न के शुरु होने से पहले सचिन ने कप्तानी से खुद को हटा लिया जिसके बाद लीग स्टेज तक के लिए हरभजन सिंह को टीम का नया कप्तान बनाया गया और शुरुआती 8 मैचो में टीम को 4 में जीत और 4 में हार का सामना करना पड़ा जिसमें 3 मैचों में घर पर मात मिली थी।

इसके बाद मुम्बई की टीम ने अपने अगले 8 मैचो में से 6 में जीत दर्ज करते हुए प्वाइंट्स टेबल पर तीसरे स्थान पर रहते हुए खत्म करने के साथ प्लेऑफ के लिए क्वालीफाइ कर लिया। जिसके बाद एलिमिनेटर मैच में उनका सामना चेन्नई सुपर किंग्स के साथ हुआ जिसमें टीम को 38 रनों से हार का सामना करना पड़ा और टीम का सफर यहीं पर खत्म हो गया।

2013 में बने पहली बार विजेता

साल 2013 के IPL सीज़न में मुम्बई इंडियंस ने अनिक कुंबले को अपनी टीम का चीफ मेंटर बनाया और रोहित शर्मा को टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया। जिसका असर टीम के प्रदर्शन पर भी देखने को मिला। शुरूआती लीग स्टेज मैचो में मुम्बई का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा जिसमें उन्हें पहले ही मैच में आरसीबी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

जिसके बाद टीम ने दूसरे मैच में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 9 रनों की शानदार रोमांचक जीत दर्ज की। इसके बाद दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ तीसरे मैच में मुम्बई की टीम ने 20 ओवरो में 209 रनों का स्कोर खड़ा करते हुए मैच में 44 रनों की शानदार जीत दर्ज की। जिसके बाद टीम ने लीग स्टेज़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेऑफ में अपनी जगह को पक्का किया जहां पर फाइनल मैच में उनका मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स के साथ हुआ।

इस मैच में मुम्बई की टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 9 विकेट के नुकसान पर 148 रन बनाये और वहीं चेन्नई सुपर किंग्स को 125 रनों पर रोकते हुए मैच में 23 रनों से शानदार जीत दर्ज करने के साथ अपना पहला आईपीएल खिताब भी जीता।

2014 से लेकर 2018 तक बने 2 बार IPL विजेता

साल 2014 के आईपीएल सीज़न का पहला हॉफ यूएई में खेला गया था, जहां पर मुम्बई इंडियंस की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम को वहां पर अपने सभी 5 मैचो में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद टीम ने अपने आगे के मैच भारत में खेलते हुए शानदार वापसी की और किंग्स इलेवन पंजाब जो प्वाइंट्स टेबल पर टॉप पर बनी हुई थी, उसके खिलाफ अपनी पहली जीत दर्ज की।

लीग मैचो में 1 मैच रहते हुए Mumbai Indians की टीम 12 अंको के साथ 5 वें स्थान पर बनी हुई थी और उसे प्लेऑफ में पहुंचने के लिए अपने आखिरी लीग मैच में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करनी थी, जो उस समय चौथे पायदान पर बनी हुई थी। राजस्थान की टीम ने उस मैच में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवरो में 190 रन बना दिए।

इसके बाद मुम्बई इंडियंस की टीम को इस लक्ष्य का पीछा 14.3 ओवरो में करना था, जिससे नेटरन रेट बेहतर हो सके, इसके बाद टीम ने 14.3 ओवरो में मैच को टाई करवा दिया और इस कारण टीम को अगली गेंद पर बाउंड्री लगानी थी, जिससे राजस्थान से उपर जा सके जिसके बाद बल्लेबाज़ आदित्य तारे ने जेम्स फॉक्नर की गेंद पर छक्का लगा दिया और मुम्बई की टीम प्लेऑफ में पहुंच गयी। लेकिन एलिमिनेटर मैच में उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स से हार मिलने के बाद उस सीज़न का सफर वहीं पर खत्म हो गया।

मुम्बई की टीम ने अपना दूसरा IPL खिताब साल 2015 में जीता जिसमें उन्होंने फाइनल मैच में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 41 रनों से जीत हासिल की थी। इस सीज़न की शुरुआत मुम्बई के लिए बेहद खराब रही थी, क्योंकि टीम को शुरुआती 4 मैचो में लगातार हार का सामना करना पड़ा था। वहीं एरोन फिंच और कोरी एंडरसन चोटिल होने की वजह से पूरे सीज़न के लिए टीम से बाहर हो चुके थे।

लेकिन इससे लिंडल सिंमस को खेलने का मौका मिल गया और उन्होंने उपरी क्रम पर बल्लेबाज़ी करते हुए 6 अर्धशतक लगाने के साथ टीम को एक अच्छी शुरुआत देने का काम किया। सिमंस उस सीज़न में टीम के लिए सबसे अधिक 540 रन बनाने वाले खिलाड़ी बने थे, इससे मुम्बई की टीम ने अपने आखिरी 10 लीग मैचो में से 9 में जीत दर्ज करने के साथ प्लेऑफ में अपनी जगह बनायी और अंत में उस सीजन के विजेता भी बने।

साल 2016 के IPL सीज़न के लिए हुई नीलामी प्रक्रिया में मुंबई इंडियंस की टीम ने टिम साउदी, नाथू सिंह, जॉस बटलर, जीतेश शर्मा, केपी कामथ, क्रुणाल पांड्या और दीपक पूनिया को अपनी टीम में शामिल किया जिसके बाद उस सीज़न टीम उम्मीद के अनुसार नहीं खेल सकी और 5 वें स्थान पर रहते हुए टीम ने खत्म किया।

इसके बाद साल 2017 के आईपीएल सीज़न में मुम्बई इंडियंस की टीम ने एकबार फिर से वापसी करते हुए अपने 14 लीग मैचो में से 10 में जीत हासिल करने के साथ प्वाइंट्स टेबल पर टॉप पर खत्म करने के साथ प्लेऑफ में भी जगह बनायी। जहां पर उस सीज़न के फाइनल मैच में टीम का मुकाबला राइजिंग पुणे सुपरजाएट्स के साथ हुआ जो बेहद रोमांचक रहा लेकिन अंत में मुम्बई की टीम ने जीत हासिल करने के साथ तीसरी बार IPL ट्राफी को अपने नाम पर किया।

वहीं साल 2018 में खेले गए आईपीएल का 11 वीं सीज़न Mumbai Indians के लिए उतना शानदार नहीं रहा और टीम को अपने 14 लीग मैचो में से सिर्फ 6 में जीत मिली जबकि 8 में हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद टीम ने 5 वें स्थान पर रहते हुए खत्म किया।

12 वें सीज़न में फिर से बने विजेता

वीवो IPL का 12 वां सीज़न साल 2019 में खेला गया जिसमें मुम्बई इंडियंस ने फाइनल मैच में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 1 रन से जीत दर्ज करने के साथ चौथी बार इस खिताब को अपने नाम पर किया। IPL के 12 वें सीज़न का फाइनल मैच किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था, क्योंकि मैच हर गेंद के साथ अपना पासा पलट रहा था और चेन्नई को आखिरी गेंद पर जीत हासिल करने के लिए 2 रन चाहिए थे, लेकिन लसिथ मलिंगा ने विकेट लेकर टीम को जीत दिला दी।

इस सीज़न टीम के लिए हार्दिक पांड्या और कायरन पोलार्ड ने शानदार प्रदर्शन किया जिस कारण टीम आईपीएल की सबसे सफल टीम बन सकी जिसने 4 बार रिकॉर्ड इस लीग को अपने नाम पर किया है।

मुंबई इंडियंस का IPL में अब तक का सफर

साल कैसा रहा प्रदर्शन
2008 5 वें स्थान पर खत्म किया
2009 7 स्थान पर खत्म किया
2010 उप विजेता रहे
2011 प्लेऑफ से बाहर हुए
2012 प्लेऑफ से बाहर हुए
2013 चैंपियन बने
2014 प्लेऑफ से बाहर हो गए
2015 चैंपियन बने
2016 5 वें स्थान पर खत्म किया
2017 चैंपियन बने
2018 5 वें स्थान पर खत्म किया
2019 चैंपियन बने
Abhishek Pandey

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