ODI क्रिकेट के नियम: क्रिकेट की शुरुआत जब हुई थी, तो उस समय इस खेल को लेकर अधिक नियम नहीं बनाये गये थे, जिस कारण खेल कई दिनों तक खेला जाता था, जिसके बाद कोई परिणाम निकल पाता था, लेकिन फिर इसमें बदलाव का दौर आया और टेस्ट क्रिकेट को 5 दिनों का किया गया और इसके बाद एक नया प्रारुप वनडे क्रिकेट के नाम से सभी के सामने आया जो 1 दिन के लिए खेला जाता था।
वनडे क्रिकेट की जब शुरुआत हुई थी, तो इसे पहले 60-60 ओवरों का खेला जाता था, लेकिन इसके बाद इसे 50-50 ओवरों का किया गया और समय के साथ इसमें कई बदलाव देखने को मिले जिसमें सबसे बड़ा बदलाव साल कलर्ड जर्सी के रुप में आया जिसे फैंस ने बेहद पसंद किया और इससे क्रिकेट में पैसे भी आने लगे क्योंकि इन मैचो का प्रसारण कई देशों में किया जाने लगा।
मौजूदा समय में यदि वनडे क्रिकेट को लेकर बात करी जाए तो अब यह प्रारुप काफी बदल चुका है, जिसमें बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक के लिए कई नियम होने के साथ टीमों को एक निर्धारित समय में अपने 50 ओवर खत्म करने होने हैं। जिसके बाद हम आपको ODI क्रिकेट के नियम के बारे में बताने जा रहे हैं।
ODI क्रिकेट के नियम | ODI Cricket ke Niyam
1 – एक वनडे मैच में खेलने वाली दोनों टीमों के खिलाड़ियों की संख्या 11 होनी चाहिए।
2 – टॉस जीतने के बाद कप्तान को फैसला करना होगा कि वह पहले बल्लेबाजी करेगा या गेंदबाजी।
3 – पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को टारगेट तय करना होता है, जिसमें उसे 50 ओवर बल्लेबाजी करने का मौका मिलता है, लेकिन यदि वह टीम ऑल ऑउट हो जाती है, पारी पहले भी खत्म हो सकती है।
4 – वनडे मैच में कोई भी गेंदबाज 10 ओवर से ज्यादा नहीं कर सकता है, वहीं बारिश से बाधित मैच में पारी के ओवर्स की संख्या घटने के साथ गेंदबाज के 10 ओवरों की संख्या में भी कमी की जाती है, जिस कारण एक टीम को कम से कम 5 गेंदबाजो के साथ मैदान में उतरना होता है।
5 – दूसरी बल्लेबाजी करने वाली टीम को पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम के स्कोर से 1 रन अधिक बनाना होता है, ताकि वह मैच में जीत हासिल कर सके। यदि 50 ओवर खत्म हो जाने के बाद दोनों ही टीमों का स्कोर बराबरी पर खत्म होता है, तो मैच टाई घोषित किया जाता है।
6 – एक वनडे मैच में तीन पॉवरप्ले होते हैं, जिसमें पहला पॉवरप्ले 10 ओवर का होता है, जिस दौरान फील्डिंग करने वाली टीम के सिर्फ 2 फील्डर ही 30 यार्ड सर्किल के बाहर रह सकते हैं।
7 – दूसरा पॉवरप्ले 11 से 40 के ओवर के बीच लागू होता है, जिसमें फील्डिंग करने वाली टीम के 4 फील्डर ही 30 यार्ड सर्किल के बाहर होते हैं।
8 – आखिरी के 10 ओवरों में फील्डिंग करने वाली टीम को अपने 5 फील्डर 30 यार्ड सर्किल के बाहर रखने की अनुमती होती है।
9 – गेंदबाज की किसी भी तरह की नो बॉल पर उसकी अगली गेंद फ्री हिट करार दी जाती है, जिसमें बल्लेबाज सिर्फ रन ऑउट के तौर पर अपना विकेट गवां सकता है।
10 – वनडे में खेलने वाली टीमों को इस बात की इजाजत होती है, कि यदि उनका कोई खिलाड़ी मैच के दौरान चोटिल होता है और वह इंजरी गंभीर होती है, जिससे वह मैच में आगे हिस्सा नहीं ले सकता है, तो उसे उसकी जगह पर दूसरे खिलाड़ी को मैच के बीच में शामिल करने की इजाजत होती है।
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