Categories: Cricket

सचिन तेंडुलकर के 6 रिकॉर्ड जो टूटने के थे बेहद करीब लेकिन कोई अभी तक तोड़ नहीं सका

Sachin Tendulkar’s Unbreakable Records: क्रिकेट के भगवान की उपाधी हासिल करने वाले भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज़ बल्लेबाज़ सचिन तेंडुलकर जिन्होंने वनडे और टेस्ट क्रिकेट में अनगिनत रिकॉर्ड्स को तोडते हुए एक नायाब मुकाम अपने करियर के दौरान हासिल किया था। इंग्लैंड एंड वेल्स में आईसीसी वनडे विश्वकप 2019 खेला गया जिसमें 14 जुलाई को खेले गए फाइनल मैच में मेजबान इंग्लैंड ने जीत हासिल करके पहली बार विश्वविजेता बना लेकिन इसी विश्वकप में सचिन का एक विश्वकप एडिशन में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड टूटने के काफी करीब था, जिसमें भारत के रोहित शर्मा और ऑस्ट्रेलिया डेविड वार्नर के पास इसका सबसे शानदार मौका था।

1996 के विश्वकप में सचिन ने 7 पारियों में 523 रन बनाते हुए एक विश्वकप में 500 से अधिक रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बने थे और इसके बाद 2003 के विश्वकप में सचिन ने अपने ही इसी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते 673 रन बना दिए जो आज तक टूट नहीं सका।

सचिन के वो रिकॉर्ड जो टूटने के काफी करीब थे लेकिन ऐसा हो नहीं सका:

#1 रोहित और वार्नर बन सकते थे सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ एक विश्वकप में

जब आईसीसी वनडे विश्वकप 2019 के लीग स्टेज के मैचो का अंत हुआ था, तो रोहित शर्मा और डेविड वार्नर से सभी को उम्मीद थी, कि वह सचिन के इस रिकॉर्ड को तोड़ देंगे। रोहित और वार्नर ने लीग स्टेज के बाद 647 और 638 रन बनाये थे और उन्हें सचिन के 673 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए 40 से कम रन बनाने थे और दोनों से ही उम्मीद थी कि वह कम से कम दो और पारियां भी खेलेंगे। भारतीय टीम को सेमीफाइनल में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ भिडना था।

वहीं ऑस्ट्रेलिया जो विश्वकप के सेमीफाइनल में कभी नहीं हारी उसे मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ खेलना था और सभी को उम्मीद थी, कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल मैच होगा लेकिन रोहित जहां सेमीफाइनल मैच में सिर्फ 1 रन बनाकर चलते बने तो वहीं वार्नर 9 रन ही बना सके और दोनों ही टीमों को अपने सेमीफाइनल मैच में हार का सामना करना पड़ा जिस कारण यह दोनों ही खिलाड़ी सचिन के इस रिकॉर्ड को तोड़ने के इतने करीब आने के बाद भी उसे पीछे नहीं छोड़ सके।

#2 संगकारा भी चूके बेहद करीब से

Sachin Tendulkar’s Unbreakable Records: श्रीलंका टीम के पूर्व कप्तान और महान विकेटकीपर बल्लेबाज़ कुमार संगकारा टेस्ट और वनडे करियर देखा जाए तो साफ तौर पर पता चलता है, कि यह खिलाड़ी अपनी टीम के लिए हमेशा कितना महत्तवपूर्ण खिलाड़ी रहा है।

संगकारा ने 404 वनडे मैच खेले जिसमें उन्होंने 25 शतक और 93 अर्धशतक लगाए है और 2013 के अंत तक वह 99 बार 50 से अधिक के स्कोर तक पहुंचे लेकिन उनमें से सिर्फ 16 में ही शतक बना सके और वह विश्व के पहले ऐसे बल्लेबाज़ बनने के बेहद करीब खड़े थे, जिनके नाम पर वनडे क्रिकेट में 100 से अधिक अर्धशतकीय पारियां हो सकती थी जिसमें वह सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ सकते थे।

2013 में संगकारा ने 23 वनडे पारियां खेली जिसमें 10 अर्धशतक और 2 शतक शामिल थे मतलब इस बल्लेबाज़ ने लगभग हर दूसरी पारी में 50 से अधिक रनों की पारी खेली जिस कारण 2014 में भी उनका फार्म काफी शानदार रहा और उन्होंने 4 शतक उस साल जो संगकारा के करियर में दूसरा ऐसा साल था जिसमें उन्होंने इतने शतक लगाए हों साथ ही 8 अर्धशतक भी लगाए थे और वह सचिन के रिकॉर्ड से सिर्फ 6 कदम दूर थे और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हुई 7 मैचो की वनडे सीरीज़ में संगकारा ने 2 अर्धशतक और 1 शतक लगाया था।

इसके बाद 2015 का विश्ववकप जब शूरू हुआ तो उस समय संगकारा को 4 अर्धशतक और लगाने थे, सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए और वह उस समय शानदार फार्म में थे, जिसमें 4 लगातार पारियों में संगकारा ने 50 से अधिक रन तो बनाये लेकिन उन सभी को उन्होंने शतक में बदला औल श्रीलंका को क्वॉटर फाइनल मैच में हार का सामना करना पड़ा जिस कारण संगकारा जो अपने करियर का आखिरी टूर्नामेंट खेल रहे थे उनके नाम पर 93 अर्धशतक ही रह गए और वह सचिन के रिकॉर्ड से सिर्फ 3 कदम ही दूर रहे।

#3 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब थे जैक कैलिस

दक्षिण अफ्रीका टीम के पूर्व दिग्गज़ ऑलराउंडर खिलाड़ी जैक कैलिस ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 मैचो की टेस्ट सीरीज़ के पहले टेस्ट मैच में अपना 44 शतक लगाया था और कैलिस ने पिछले 35 टेस्ट मैचो में 13 शतक लगाए थे, जिस कारण वह सचिन तेंडुलकर के टेस्ट में सबसे अधिक शतक लगाने के रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब खड़े हुए थे।

सचिन जो 51 टेस्ट शतको के साथ सबसे आगे खड़े हुए थे, कैलिस उनसे सिर्फ 8 कदम दूर थे और जिस तरीके से 2009 से लेकर 2012 के बीच में कैलिस ने बल्लेबाज़ी की थी, उसको देखकर ऐसा ही लग रहा था और सचिन के 2013 में संन्यास लेने के बाद कैलिस के लिए काम और आसान हो गया था।

लेकिन इसके बाद कैलिए अगले 8 टेस्ट मैचो में एक भी शतक नहीं लगा सके और खराब फार्म को देखते हुए इस दिग्गज़ बल्लेबाज़ ने भारत के दक्षिण अफ्रीका दौरे के पहले टेस्ट मैच के बाद अचानक से अपने संन्यास को लेकर घोषणा कर दी लेकिन आखिरी टेस्ट मैच को यादगार बनाते हुए कैलिस ने 393 मिनट बल्लेबाज़ी करते हुए डरबन टेस्ट में 115 रनों की पारी खेली और वह सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ने से सिर्फ 6 कदम ही दूर रह गए।

#4 पोटिंग के पास था आगे निकलने का मौका

Sachin Tendulkar’s Unbreakable Records: ऑस्ट्रेलिया टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज़ बल्लेबाज़ रिकी पोटिंग के पास एक समय सचिन तेंडुलकर को शतकों के मामले में पीछे छोड़ने का मौका था, 2005 के अंत तक सचिन ने 35 टेस्ट शतक लगाए और वह सुनील गावस्कर के टेस्ट में सबसे अधिक 34 शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुके थे। लेकिन 2006 में सचिन का फार्म उतना अच्छा नहीं रहा जिस कारण वह पूरे साल सिर्फ 24 के औसत से ही रन बना सके और एक भी शतक नहीं लगा सके।

वहीं पोटिंग का फार्म काफी शानदार चल रहा था और इसका उन्होंने पूरा लाभ भी उठाया जिसमें 2005 और 2006 में 6 और 7 शतक लगाकर वह टेस्ट में 33 शतक लगाकर सचिन से सिर्फ 2 कदम दूर खड़े हुए थे। 2009 की शुरूआत होने के बाद सचिन 4 शतकों की लीड के साथ पोटिंग से आगे बढ़े वहीं पोटिंग 2007 के विश्वकप के कारण अधिक टेस्ट मैच नहीं खेल रहे थे।

लेकिन 2009 के बाद पोटिंग के लिए सचिन के टेस्ट शतकों का पीछा करना आसान काम नहीं था क्योंकि अगले 25 महिनों में सचिन ने 21 टेस्ट मैच खेले जिसमें उन्होंने 10 शतक लगाए वहीं पोटिंग सिर्फ 2 शतक लगा सके और संन्यास लेने के समय वह सचिन के शतकों के रिकॉर्ड से सिर्फ 10 कदम दूर रह गए।

#5 क्या एलिस्टर कुक ने ले लिया जल्दी संन्यास

इंग्लैंड टीम के पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक के लिए बल्लेबाज़ के तौर पर 2012 में हुई भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ काफी शानदार बीती थी और उस टेस्ट सीरीज़ में कुक का बल्लेबाज़ी औसत लगभग 50 के पास पहुंच गया तो उनके करियर के पहले साल 2006 में था।

साल 2013 के घरेलू सीज़न की शुरूआत से पहले कुक ने 90 टेस्ट मैच मैचो में 24 शतकों के साथ 7303 रन बना दिए थे और वह 8000 रन पूरे करने के बेहद करीब खड़े हुए थे साथ तेंडुलकर के शतकों के रिकॉर्ड से 27 कदम दूर और उनके फार्म के साथ उम्र को देखते हुए वह इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए सबसे उपयुक्त माने जा रहे थे।

इसके पीछे कुक की उम्र के साथ यह भी एक कारण था, कि इंग्लैंड की टीम को आने वाले सालों में बाकी टीमों से अधिक टेस्ट मैच खेलने थे और 2021 के अंत तक टीम करीब 100 टेस्ट मैच खेली और कुक की उम्र उस समय तक सिर्फ 37 साल होती।

लेकिन 2013 के घरेलू सीजन शुरू होने के बाद कुक का फार्म उतना अच्छा नहीं रहा और उन्हें न्यूज़ीलैंड के खिलाफ रन बनाने काफी मुश्किल दिखा साथ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज़ में भी कुक अधिक कुछ नहीं कर सके और इस कारण उनका औसत लगातार गिरता जा रहा था, जिस कारण भारत के खिलाफ साल 2018 में हुई टेस्ट सीरीज़ में कुक ने संन्यास का फैसला लिया और अपने आखिरी टेस्ट मैच उन्होंने करियर का 33 वां शतक लगाते हुए विदा ली लेकिन कुक अपने करियर के आखिरी 5 साल में सिर्फ 9 शतक ही लगा सके लेकिन वह सबसे अधिक टेस्ट रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में बांयें हाथ के पहले बल्लेबाज़ के रूप में 12472 रन के साथ पहले स्थान पर हैं।

#6 विराट कोहली का धीमा पड़ना

Sachin Tendulkar’s Unbreakable Records: विराट कोहली ने अपने करियर में अभी तक सचिन तेंडुलकर के कई रिकॉर्ड्स को तोड़कर अपने नाम पर वनडे क्रिकेट में कर चुके हैं। विराट ने लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए सचिन के सबसे अधिक शतको के रिकॉर्ड को पहले ही तोड़ चुके हैं। वनडे में सबसे अधिक शतक लगाने का रिकॉर्ड सचिन के नाम पर हैं, जिन्होंने 49 शतक लगायें वहीं इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर कोहली हैं, जिनके नाम पर 41 शतक है, लेकिन वर्तमान में कोहली 40 से अधिक रन अपनी पारी में नहीं बना पा रहे हैं और अर्धशतक पूरा करने के बाद भी जल्दी ही अपना विकेट गवां देते हैं।

2019 के आईसीसी वनडे विश्वकप में कोहली ने 50 से अधिक रनों की लगातार 5 पारियां खेली लेकिन एक को भी शतक में नहीं बदल सके और कोहली के करियर में ऐसा पहली बार हुआ है, कि वह 5 बार 50 से अधिक रन बनाने के बाद शतक नहीं लगा सके हों वनडे क्रिकेट में। विश्वकप के खत्म होने के बाद हो सकता है, कोहली खुद को नंबर 4 पर बल्लेबाज़ी करते हुए देखे और युवा खिलाडियों को अधिक से अधिक मौका देने का काम करे।

टीम मैनेजमैंट की आने वाली भविष्य की योजनाओं को देखते हुए विराट को नंबर 4 पर बल्लेबाज़ी के लिए भेजा जा सकता है और यदि ऐसा होता है, तो उनका शतक लगाने का प्रतिशत भी कम हो सकता है, लेकिन 2020 और 2021 के आसपास सभी को उम्मीद है, कि कोहली इस रिकॉर्ड को अपने नाम पर कर सकते हैं, यदि वह लगातार लिमिटेड फार्मेट में खेलते रहे तो।

आपको ये भी रोचक लगेगा:

आईपीएल 2021

Recent Posts

IPL के 10 सबसे महंगे खिलाडी

साल 2021 IPL के बाद IPL का पन्ना बढकर 13 पन्नो का हो जायेगा, इसके…

5 years ago

IPL 2021 की लाइव स्ट्रीमिंग

भारत का त्योहार मतलब की IPL एक बार फिर लोगो के बिच में मनोरंजन के…

5 years ago

IPL 2021 का बजट और अपेक्षित रेवेन्यु

IPL आज के समय में सबसे ज्यादा पसंदीदा लीग बना हुआ है और इस बात…

5 years ago

IPL 2021 से जुडी रोचक तथ्य

साल 2021 का IPL जल्द ही शुरु होने वाला है, 18 फरवरी को हुए ऑक्शन…

5 years ago

आईपीएल 2021 टीम के स्कौड़स और प्लेयर्स की लिस्ट।

हम सभी जानते है की IPL फ्रेंचाइजी को खिलाडीयों को रिटेन और रिलीज के बारे…

5 years ago

आईपीएल पोइंट्स टेबल और रैंकिंग को समझे।

हर साल का IPL बिते हुए IPL से ज्यादा मनोरंजक और रोमांचित होता है या…

5 years ago