सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड: का खेल मौजूदा समय में ग्लोबल स्पोर्ट्स बनने की तरफ अपने कदम काफी तेज़ी के साथ उठा रहा है और यह सभी क्रिकेट बोर्ड के सही तरीके से काम करने को लेकर भी देखा जा सकता है, लेकिन इसके पीछे काफी पैसा भी लगा होता है, जिसमें बोर्ड स्पोंसरशिप, विज्ञापन के जरिए पैसे को कमाते हैं और इसके जरिए वह इस खेल को हर तरफ पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
पिछले 10 से 15 सालों में इसके जरिए काफी सारे बोर्डो ने खुद को मजबूत किया है, साथ ही उन्होंने स्पोंसरशिप के जरिए पैसे कमाने का हुनर को भी समझा जिसके जरिए वह अपने खिलाड़ियों को बेहतर सुविधायें दे पाए।
इसमें कोई संदेह नहीं कि इस वजह से अब स्पोर्ट्स मैनेजमैंट का कोर्स पिछले कुछ सालों में काफी तेज़ी के साथ लोग करते हुए देखे जा रहे हैं। हम यहां पर आपको मौजूदा समय में विश्व के 10 सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड के बारे में बताने जा रहे हैं।
सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड| Richest Cricket Boards in the World:
न्यूज़ीलैंड क्रिकेट बोर्ड – 9 मिलियन डॉलर:
साल 2014 के पहले तक, कि न्यूज़ीलैंड क्रिकेट बोर्ड इस मामले में अधिक प्रयोग करती हुई नहीं दिखती थी, क्योंकि टीम उम्मीद के अनुसार बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रही थी, लेकिन साल 2015 के विश्वकप में टीम के फाइनल में पहुंचने के बाद और उसके बाद इस विश्वकप को जीतने में एक प्रबल दावेदारो में से एक है।
यह कारण बोर्ड को मजबूती देने के लिए काफी बड़ा है और इस समय बोर्ड के पास एएनजेड बैंक न्यूज़ीलैंड लिमिटेड, फोर्ड मोटर कंपनी, एक्कोर होटल्स, बीएलके, बर्गर किंग, कैलटैक्स, कैंटरब्यूरी, जी.जे. गार्डनर, हेर्टज़, लेस मिल्स, पॉवर्डे, टॉसलिस्टर एजेंसी बोर्ड और टुई बीर जैसे ब्रैंड टीम के साथ जुड़े हैं, जिस कारण बोर्ड की कुल कमाई 9 मिलियन डॉलर है।
क्रिकेट वेस्टंइडीज़ – 15 मिलियन डॉलर:
Richest Cricket Boards: जब भी हम वेस्टंइडीज़ क्रिकेट के बारे में बात करते हैं, तो सभी को 70-80 के दशक की याद आ जाती है, जिसमें इस टीम को हरा पाना किसी के लिए भी आसान काम नहीं था और यदि उनकी वर्तमान टीम भी उसी तरह की होती तो कैरिबियन क्रिकेट बोर्ड की तस्वीर ही कुछ अलग दिखाई देती।
न्यूज़ीलैंड क्रिकेट बोर्ड की तरह विंडीज़ क्रिकेट बोर्ड की अधिकतर कमाई का जरिया प्रसारण अधिकार पर निर्भर करता है और 2013 में कैरिबियन प्रीमियर लीग के शुरू होने के बाद बोर्ड की कमाई में इजाफा हुआ है, जिसमें स्पोंसरशिप में उनके साथ दी बैंक ऑफ नोवा स्कोटिया, बीएलके, सैंडल्स रिजॉर्ट, जेट ब्लू एयरवेज़ कॉरपोरेशन, ब्लू वॉटर्स टी एंड टी, बेल्टवे ग्रुप जैसे मौजूदा समय में जुड़े हुए हैं और इस कारण बोर्ड की कमाई 15 मिलियन डॉलर है।
श्रीलंका क्रिकेट – 20 मिलियन डॉलर:
सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड: जिस समय श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड अपने बड़े खिलाडियों की वजह से उपर उठ रहा था, तो उसी समय टीम ने अपने खेल के जरिए इस पूरे मौके को गवां दिया, जिस कारण उन्हें कुछ बड़े स्पोंसर को गवाना भी पड़ा।
बोर्ड पूरी तरह से प्रसारण अधिकारो से होने वाली कमाई को लेकर निर्भर है, साथ ही इस विश्वकप में टीम के प्रदर्शन पर भी काफी कुछ निर्भर करने वाला है। यदि टीम के साथ जुड़े बड़े स्पोंसर के बारे में बारे में बात की जाए तो उसमें डॉयलॉग एक्ज़ीटा पीएलसी, एमएएस होल्डिंगस, एआईए ग्रुप लिमिटेड, सिंगर कॉरपोरेशन, हुवावे टेक्नोलॉज़ी लिमिटेड, स्विट्ज़ जैसे ब्रांड हैं, जिससे बोर्ड की इस समय कमाई 20 मिलियन डॉलर है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया – 24 मिलियन डॉलर:
Richest Cricket Boards: यह सभी को चौका सकता है, क्योंकि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया काफी पुराना क्रिकेट बोर्ड हैं लेकिन बोर्ड ने पिछले कुछ सालो में काफी सारे नये स्टेडियम को बनाने में पैसा खर्च किया है, जिस कारण मौजूदा समय में उनकी कमाई 24 मिलियन डॉलर है।
1905 में स्थापना होने के बाद पहले इसे ऑस्ट्रेलियन बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर इंटरनेशनल क्रिकेट के नाम से पहचाना जाता था, लेकिन 2003 में इसका नाम बदलकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया कर दिया गया। बिग बैश लीग को विश्वकप की दूसरी सबसे सफल टी20 लीग में पहचाना जाता हैं।
मौजूदा समय में बोर्ड के साथ जुड़े स्पोंसर को देखा जाए तो उसमें, डॉमिन ग्रुप, सिंगटल ऑपटस प्राइवेट लिमिटेड, कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया, केएफसी, जिलेट, टोयोटा मोटर कॉरपोरेशन, एसिक्स, बुपा, माइलो, बैट365 ग्रुप लिमिटेड, क्वांटर एयरवेज़, मास्टर कार्ड इनकॉर्पोरेटेड, हारडस वाइन, दी गैटरोयड कंपनी जैसे ब्रांड इस समय जुड़े हुए हैं।
जिम्बाब्वे क्रिकेट – 38 मिलियन डॉलर:
भले ही इस टीम के खिलाडियों को उनके प्रदर्शन के आधार आंका नहीं जा रहा है, लेकिन पिछले कुछ सालो में जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने अपनी कमाई में इजाफा किया है और इसके पीछे का कारण फैंस है, साथ बोर्ड को प्रसारण अधिकार से भी पैसा मिलने लगा है।
2005 में टीम ने टेस्ट खेलने का अपना दर्जा गवां दिया था, जिसके बाद उन्हें 2011 में यह वापस मिला साथ ही इस समय बोर्ड के साथ कासल लैंगर, वेगा स्पोर्ट्सवियर, कोका-कोला, सेंचुरी इंशयोरेंस, यूमैक्स, जिम गोल्ड जैसे ब्रांड जुड़े हुए हैं।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड – 51 मिलियन डॉलर:
Richest Cricket Boards: बांग्लादेश के फैंस को देखकर यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है, कि उनके देश में क्रिकेट को कितना प्यार किया जाता है। दूसरे एशियन देशो की तरह यहां पर भी इसी तरह की दिवानगी देखने को मिलती है, जिस कारण बोर्ड सबसे अमीर देशो की लिस्ट में 5 वें नंबर पर आता है।
2011 के विश्वकप की मेजबानी मिलने के बाद बोर्ड को आगे बढने में काफी मदद मिली और उनके साथ यूनिलिवर बांग्लादेश लिमिटेड, प्रान आरएफएल ग्रुप, फ्रेश, ब्रास बैंक, कतर एयरवेज, आमरा नेटवर्क, पैन पैसिफिक होटल्स एंड रिज़ार्ट जैसे ब्रांड आकर जुड़े।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड – 55 मिलियन डॉलर:
भले ही पिछले काफी सालों से अपने घर पर क्रिकेट ना खेल पाने के बावजूद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने स्पोंसर का भरोसा कायम रखा हुआ है, जिसमें इन्हें पाकिस्तान सुपर लीग से भी काफी लाभ हुआ है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की मौजूदा समय में 55 मिलियन डॉलर की कमाई है और इस कारण वह एशिया में कमाई के मामले में दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट बोर्ड बना हुआ है। बोर्ड के साथ इस समय बड़े स्पोंसर में पेप्सी, यूनाईटेड बैंक लिमिटेड, पाकिस्तान टेलीकम्यूनीकेशन कंपनी लिमिटेड और कूल एंड कूल जैसे ब्रांड जुडे है।
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड – 59 मिलियन डॉलर:
Richest Cricket Boards: आईसीसी विश्वकप 2019 की मेजबान इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड कमाई के मामले में इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। प्रसारण अधिकारो के साथ बोर्ड के पास काफी बड़े स्पोंसर हैं, जिस कारण इस समय उनकी कमाई 59 मिलियन डॉलर है।
ईसीबी के पास यदि स्पोंसर के बारे में बात की जाए तो, नेटवेस्ट, किया मोटर्स कॉरपोरेशन, रॉयल लंदन म्यूचल इंशोरेंस सोसायटि लिमिटेड, टोयोटा मोटर कॉरपोरेशन जैसे बड़े ब्रांड उनके साथ जुड़े हैं।
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका – 79 मिलियन डॉलर:
यदि क्रिकेट के पॉवर हाउस देशो के बारे में देखा जाए तो उसमें क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका इस मामले में काफी आगे दिखती है। मौजूदा समय में उनकी नेटवर्थ 79 मिलियन डॉलर की है और बोर्ड इस समय अपनी टी20 लीग को शुरू करने की कोशिश कर रहा है।
सीएसए अपनी कमाई का अधिकतर हिस्सा टीवी प्रसारण अधिकार से कमाती है, लेकिन इसके बावजूद भी यदि स्पोंसर की बात करी जाए तो उसमें स्टैंडर्ड बैंक ऑफ साउथ अफ्रीका लिमिटेड, मोमेंटम, सनफॉइल सीरीज़, केएफसी, न्यू बैलेंस एथलेटिक्स, कास्ल लैंगर, राम कुरीयर्स, पॉवरडे, दी बिडवेस्ट ग्रुप लिमिटेड, टिकट प्रो, बिटको, कोका-कोला, ब्लू लेबल टेलीकॉम, वर्जिन एक्टिव, मोमेंटम हेल्थ, कीमच जे.सी. बैमफोर्ड।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड – 295 मिलियन डॉलर:
सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड: जी हां यह देखकर यदि आपको आश्चर्य हो तो आप क्रिकेट को करीब से नहीं देखते हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पास इस खेल का सबसे बड़ा फैन बेस है साथ विश्व क्रिकेट की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग आईपीएल की कमाई को देखा जाए तो वह दूसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका की नेटवर्थ से चार गुना अधिक है।
इसका सबसे अधिक श्रेय बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया को जाता है, जिनके कारण बीसीसीआई सबसे अमीर क्रिकेट बोर्डो की लिस्ट में सबसे आगे है, भले ही बीसीसीआई के पास काफी सारे स्पोंसर ना हो लेकिन जो हैं वह काफी बड़े नाम है, जिनमें ओप्पो इलोक्ट्रानिक्स कॉरपोरेशन, पेटिएम, नाइक, पेप्सी, हुंड्ई मोटर कंपनी, जनालक्ष्मी फाइनेंशल सर्विस।
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