कुछ सालों पहले क्रिकेट जानकार और कई पूर्व खिलाड़ियों ने अपने विचार रखते हुए कहा था, कि टॉप क्वालिटी की तेज़ गेंदबाज़ी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंत हो रहा है। उनके इस तर्क के पीछे पिछले दशकों के तेज़ गेंदबाज़ थे, जिनका दबदबा देखने को मिलता है, इसमें डेनिस लिली, जेफ थॉमसन के अलावा 1970-80 के दशक में वेस्टइंडीज़ टीम के तेज़ गेंदबाज़ एंडी रोबर्ट्स, मैलकम मार्शल, जोएल गार्नर शामिल होने के साथ 1990 के दशक की शुरुआती समय में वसीम अकरम, वकार यूनिस, एलन डोनाल्ड, कोर्टनी वाल्श और कर्टली एम्ब्रोस जैसे गेंदबाज़ शामिल थे, जिनको देखकर बल्लेबाज़ पहले से ही डर महसूस करने लगता था।
लेकिन वर्ल्ड क्रिकेट में पिछले 2 से 3 सालों में एकबार फिर से शानदार तेज़ गेंदबाज़ी फिर से देखने को मिल रही जिसमें पैट कमिंस, मिचल स्टार्क, जेम्स पैटिंसन, जोश हेजलवुड ने जहां ऑस्ट्रेलियन टीम के लिए अच्छा किया तो वहीं कगिसो रबाडा, लुंगी एन्गीडी ने साउथ अफ्रीका के लिए तो वहीं इंग्लैंड के लिए जोफ्रा आर्चर, वेस्टइंडीज़ के लिए केमार रोच, अल्जारी जोसेफ और जेशन होल्डर की तिकड़ी ने वेस्टइंडीज़ की गेंदाबाजी में वहीं पुरानी यादें सभी के मन में ताजा कर दी हैं।
वहीं न्यूज़ीलैंड की टीम से भी नील वैगनर, लॉकी फर्ग्युसन के अलावा पाकिस्तान से शाहीन शाह आफरीदी, नसीम शाह जैसे गेंदबाज़ देखने के साथ भारतीय टीम में भी इस लिस्ट में शामिल हो गयी हैं, जिसमें जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और उमेश यादव की तिकड़ी पूरे विश्व क्रिकेट में तेज़ गेंदबाज़ी के मामले में अपनी तारीफ बटोर रही हैं।
क्या तेज गेंदबाजी का युग वापस आ रहा है
तेज गेंदबाज़ी का मजा एकबार फिर से सभी फैंस को देखने के लिए मिल रहा हैं, जिसमें हम उनके दबदबे को आईसीसी टेस्ट रैकिंग में साफ तौर पर देख सकते हैं, क्योंकि वहां पर टॉप 10 गेंदबाज़ो की टेस्ट रैकिंग में सिर्फ 1 स्पिन गेंदबाज़ मौजूद हैं और बाकी के 9 तेज़ गेंदबाज़ हैं, क्योंकि कुछ सालों पर इस रैकिंग में स्पिन गेंदबाज़ो का दबदबा देखने को मिलता था, जिसमें टॉप 5 में जहां अश्विन और जडेजा की जोड़ी के अलावा श्रीलंका के पूर्व स्पिन गेंदबाज़ रंगना हेरथ शामिल थे, लेकिन अब इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिला हैं और टॉप 10 में सिर्फ अश्विन को छोड़कर बाकी के सभी तेज़ गेंदबाज़ शामिल हैं।
मौजूदा टेस्ट रैकिंग को लेकर बात करे तो उसमें पहले स्थान पर साल 2019 में सबसे अधिक विकेट हासिल करन वाले ऑस्ट्रेलियन तेज़ गेंदबाज़ पैट कमिंस 904 अंको के साथ हैं, जिसके बाद दूसरे स्थान पर न्यूज़ीलैंड के नील वैगनर 852 अंको के साथ, तीसरे स्थान पर वेस्टइंडीज़ के जेशन होल्डर 830 अंको के साथ, वहीं चौथे स्थान पर साउथ अफ्रीका के कगिसो रबाडा 821 अंको के साथ, 5 वें स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के मिचल स्टार्क 796 अंको के साथ, 6 वें स्थान पर भारत के जसप्रीत बुमराह 794 अंको के साथ, 7 वें स्थान पर इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन 791 अंको के साथ, 8 वें स्थान पर साउथ अफ्रीका के वर्नोन फिलेंडर 786 अंको के साथ, 9 और 10 वें स्थान पर भारत के रविचंद्रन अश्विन 772 अंको और मोहम्मद शमी 771 अंको के साथ कायम हैं।
इसमें किसी भी बात का कोई संदेह नहीं है, कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मौजूदा दौर में तेज गेंदबाज़ अपने दबदबे का एहसास करवा रहे हैं, क्योंकि यदि आप टॉप 20 को लेकर भी बात करेंगे तो उसमें 17 तेज़ गेंदबाज़ शामिल हैं, क्योंकि नाथन लियोन 15 वें स्थान और रवींद्र जडेजा 17 वें स्थान पर हैं।
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