प्रो कबड्डी लीग 2019
कबड्डी भारत का जन्मदाता है ,यह यहाँ खेले जाना वाला सबसे पुराना खेल हैं| अब यह खेल प्रो कबड्डी के नाम से जाना जाता है| यह इंडियन प्रीमियर लीग टी -20 क्रिकेट टूर्नामेंट के प्रारूप पर आधारित है। प्रो कबड्डी 2019 खेल में चेम्पियन बेंग्लरू बुल्स है सबसे सफल टीम पटना की है| इसमें १२ टीम खेलती है , इसकी शुरुआत २०१४ में हुई थी .इस २०१९ के सीजन को कहाँ कैसे देख सकते हैं इसको जानने से पहले इस बार की टीमों और खिलाड़ी विषय में जान लेते हैं|
प्रो कबड्डी 2019 लीग का सातवां सत्र 19 जुलाई से नौ अक्तूबर तक खेला जायेगा। पीकेएल कमिश्नर अनुपम गोस्वामी ने कहा कि त्यौहारों के कारण लीग के कार्यक्रम में बदलाव किया गया। पीकेएल नीलामी में 13 देशों के 441 खिलाड़ी शामिल होंगे। इनमें 388 भारतीय और 58 विदेशी हैं। प्रो कबड्डी 2019 लीग का सातवां सीजन पिछले सीजनों से काफी बड़ा होने वाला है क्योंकि अब खेल को लेकर लोकप्रियता भी काफी हो चुकी है और इस सीजन काफी ज़्यादा पैसे भी खर्च किए गए हैं। इस सीजन की नीलामी में काफी चौंकाने वाली चीजें हुई जैसे कि अजय ठाकुर और राहुल चौधरी इस बार एक ही टीम के लिए खेलेंगे तो वहीं पिछले सीजन अपना प्रो कबड्डी डेब्यू करने वाले सिद्धार्थ देसाई इस सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ी बने हैं|
इस सीजन नीलामी में टीमों ने पहले से ही यह तय कर लिया था कि उनकी टीमों को रेडिंग या फिर डिफेंस किस पर निर्भर रहना है। भले ही टीमों मे डिफेंडर्स का हिस्सा बढ़ रहा है, लेकिन इस बार भी लाइमलाइट रेडर्स ही ले गए हैं। आइए एक नजर डालते हैं किस टीम के पास हैं सबसे मजबूत रेडर्स और सभी टीमों के रेडर्स की रैंकिंग करते हैं।
प्रो कबड्डी 2019 में मुम्बा टीम के पास खिलाड़ी हैं रोहित बलयान, अतुल एमएस, डोंग जियोन ली, अर्जुन देशवाल, अभिषेक सिंह, गौरव कुमार, विनोद कुमार, संदीप नरवाल। इनके रेडिंग में कोई बड़ा नाम नहीं है और न ही कोई ऐसा खिलाड़ी हैं जो हर मैच में 9-10 प्वाइंट हासिल करने की क्षमता रखता हो। टीम ने इस सीजन पूरी तरह से खुद के डिफेंस पर ध्यान दिया है और यही कारण है कि उनके पास इस सीजन सबसे कमजोर रेडिंग ऑप्शन है। मुंबा के लिए रोहित बलयान मुख्य रेडर होंगे, लेकिन उन्होंने किसी टीम के लिए लीड रेडर के तौर पर नहीं खेला है।
गुजरात टीम के पास यह खिलाड़ी है सचिन तंवर, रोहित गुलिया, गुरविंदर सिंह, मोरो जीबी, अबोलफजल मघसूद्लू, अभिषेक, ललित चौधरी, सोनू। गुजरात के पास सचिन तंवर के रूप में एक शानदार रेडर है जिसने पिछले सीजन 204 प्वाइंट हासिल किए थे। सचिन के अलावा टीम में कोई मुख्य रेडर नहीं है। मोरे जीबी सहायक रेडर की भूमिका में दिखाई देंगे तो वहीं मघसूद्लू और गुरविंदर समय पड़ने पर टीम के काम आ सकते हैं। गुजरात एक बार फिर अपने डिफेंस के बल पर खेलेगी।
टाइटंस ने लगातार छह साल बाद राहुल चौधरी को टीम से अलग करने का निर्णय लिया और उनकी जगह पिछले सीजन के स्टार रहे सिद्धार्थ देसाई को लेकर आए। हालांकि, टाइटंस के पास सिद्धार्थ के अलावा कोई बड़ा रेडर नहीं है और सिद्धार्थ को अकेले सब करना होगा। रजनीश और कमल सिंह को मौके दिए जा सकते हैं तो वहीं अरमान पर भी टीम काफी निर्भर रहेगी।
हरियाणा के पास कोई बड़ा नाम नहीं है और प्रशांत कुमार राय उनके इस सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ी रहे हैं। विकास कंडोला के साथ मिलकर प्रशांत अच्छी जोड़ी बना सकते हैं और टीम को सफलता दिला सकते हैं। भले ही टीम में बड़ा नाम नहीं है, लेकिन टीम के पास अच्छा परिणाम दिलाने वाले रेडर्स हैं।
बंगाल के पास रेडिंग ऑप्शन है मनिंदर सिंह, भुवनेश्वर गौर, प्रपंजन, रविन्द्र रमेश कुमावत, सुकेश हेगड़े, राकेश नरवाल, मोहम्मद ताघी, और मोहम्मद नबीबख्श।बंगाल के पास कहने को तो बहुत रेडर्स हैं, लेकिन मनिंदर सिंह को छोड़कर कोई भी अपना प्रभाव नहीं छोड़ पाया है। इस सीजन टीम में आए प्रपंजन शानदार सहायक रेडर हैं और वह मनिंदर का काम आसान कर सकते हैं।
जयपुर टीम अपने इन रेडिंग ऑप्शन को ले कर उतर रही है दीपक निवास हूडा, नितिन रावल, दीपक नरवाल, निलेश सालुंखे, सुशील गुलिया, अजिंक्य पवार, लोकेश कौशिक, गुमन सिंह, डोंग किम। जयपुर के पास बेहद शानदार रेडर्स हैं। दीपक हूडा टीम के मुख्य रेडर होंगे तो वहीं निलेश सालुंखे और दीपक नरवाल जैसे खिलाड़ी अपने अनुभव का फायदा लेते हुए दीपक की मदद करेंगे।
नितिन तोमर, मंजीत, पवन कुमार कादियान, दर्शन कादियान, अमित कुमार, संदीप पुनेरी पलटन के रेडिंग ऑप्शन हैं पुनेरी पलटन के पास इस सीजन भी रेडिंग समस्या बन सकती है। भले ही पेपर पर उनके पास काफी रेडर्स हैं, लेकिन उनकी रेडिंग नितिन तोमर के आस–पास ही घूमेगी।
दबंग दिल्ली के रेडिंग ऑप्शन: मेराज शेख, चंद्रन रंजीत, नीरज नरवाल, विजय, अमन कादयान, नवीन कुमार, सुमित कुमार हैं इनके पास 4-5 बेहतरीन रेडर्स हैं। अनुभवी मेराज शेख एक बार फिर दिल्ली के लिए रेडिंग की अगुवाई करेंगे और उनके पार्टनर के रूप में दिल्ली के पास चंद्रन रंजीत और युवा नवीन कुमार जैसे रेडर्स हैं जिन्होंने पिछले सीजन 150 से अधिक प्वाइंट हासिल किए थे। इसके अलावा पूर्व पटना पाइरेट्स ऑलराउंडर विजय भी इस बार दिल्ली के लिए खेलेंगे।
बेंग्लरू के रेडिंग ऑप्शन है रोहित कुमार, पवन कुमार सहरावत, लाल मोहर यादव, विनोद कुमार, सुमित सिंह, संजय श्रेष्ठ। पिछले सीजन बेंगलुरु को खिताब दिलाने में पवन सहरावत की भूमिका सबसे अहम थी जो पिछले सीजन सबसे ज़्यादा प्वाइंट हासिल करने वाले रेडर रहे थे। रोहित कुमार भी शानदार रेडर हैं, लेकिन इनमें से किसी एक के चोटिल होने पर टीम को दिक्कत हो सकती है क्योंकि उनके पास अन्य कोई बड़ा नाम नहीं है।
पटना के पास परदीप नरवाल जैसा शानदार रेडर है जो लगातार टीम के लिए 9-10 अंक लाने की क्षमता रखता है। पिछले सीजन अकेले पड़ जाने वाल परदीप को इस सीजन जैंग कुन ली के रूप में बढ़िया साथी मिला है। मोहम्मद मघसूद्लू और विकास जगलान भी सहायक रेडर की भूमिका में अच्छा काम कर सकते हैं।
अजय ठाकुर, राहुल चौधरी, शब्बीर बापू, विनीत शर्मा, यशवंत बिश्नोई, अजीत कुमार, आनंद, मंजीत छिल्लर यह तमिल टीम के रेडिंग ऑप्शन है पिछले सीजन अजय ठाकुर ने अकेले तमिल थलाइवाज के लिए शानदार प्रदर्शन किया था और उन्हें एक अच्छे पार्टनर की जरूरत थी। थलाइवाज ने राहुल चौधरी को साइन करके ठाकुर को शानदार पार्टनर दिया है। इसके अलावा टीम में शब्बीर बापू जैसा अनुभवी खिलाड़ी है तो वहीं मंजीत छिल्लर जैसा दिग्गज भी है जो समय पड़ने पर टीम के लिए रेड कर सकता है।
रेडिंग ऑप्शन इन यू पी टीम के बहुत बढ़िया है उनके नाम है मोनू गोयत, रिशांक देवाडिगा, श्रीकांत जाधव, नरेंदर, गुलवीर सिंह, सुरेंदर सिंह, अंकुश, आजाद सिंह, मोहम्मद मसूद करीम।
यूपी योद्धा को पहले नंबर पर देखकर बहुत से लोग चौंक सकते हैं, लेकिन उनका रेडिंग विभाग देखने के बाद आपको समझ आएगा कि वे पहले नंबर क्यों हैं। रिशांक देवाडिगा, श्रीकांत जाधव और मोनू गोयत जैसे शानदार लीड रेडर्स एक ही टीम में खेलेंगे तो यूपी किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रहेगी। उनके पास ईरान के ऑलराउंडर मोहसेन मघसूद्लू भी हैं जो समय पड़ने पर अच्छी रेड कर सकते हैं। टीम में कुछ युवा रेडर्स भी हैं जो खुद को साबित करेंगे
अब इस सीजन के सबसे महंगे बिकने वाले खिलाड़ियों के नाम इस प्रकार है
प्रो कबड्डी लीग के सातवें सीजन के लिए आयोजित की गई नीलामी में सिद्धार्थ देसाई बिकने वाले सबसे महंगे खिलाड़ी रहे। उन्हें तेलुगु टाइटंस ने 1 करोड़, 45 लाख में खरीदा और उनके अलावा नितिन तोमर को पुनेरी पलटन ने 1 करोड़, 20 लाख में अपनी टीम में शामिल किया। पिछले सीजन जहां 6 खिलाड़ियों को एक करोड़ की ऊपर की कीमत से खरीदा गया था, तो इस सीजन के लिए सिर्फ दो ही खिलाड़ियों को इतनी बड़ी रकम में खरीदा गया है।विदेशी खिलाड़ियों में ईरान के इस्माइल नबीबक्श 77.75 लाख रुपये की बोली के साथ सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी रहे. नबीबक्श को बंगाल वॉरियर्स ने अपने साथ जोड़ा. नबीबक्श पीकेएल इतिहास के दूसरे सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बन गए हैं|
पीकेएल की शुरूआत में 6 टीम थी और जयपुर पिंक पैंथर्स पहले चैंपियन थे। इसके बाद यू–मुंबा ने दूसरे सीजन में खिताब पर कब्जा किया और पटना पाइरेट्स अबतक सबसे ज्यादा तीन बार खिताब पर कब्जा कर चुके हैं। उन्होंने 2016 (जनवरी और जून) और 2017 में खिताब की हैट्रिक लगाई थी। पिछले सीजन में बेंगलुरू बुल्स ने पहली बार खिताब पर कब्जा किया, जहां उन्होंने गुजरात फॉर्च्यून जायंट्स को हराया था। बैंगलोर के खिलाड़ी पवन कुमार सेहरावत को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का अवॉर्ड मिला। पिछले साल नीलामी में कई रिकॉर्ड टूटे थे और भारतीय रेडर मोनू गोयत पीकेएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे।
पिछले सीजन में नीलामी से पहले 21 खिलाड़ियों को रिटेन किया गया था, तो इस सीजन में 29 खिलाड़ियों को रिटेनशन पॉलिसी की तहत रिटेन किया गया है। लीग के कमिश्नर अनुपम गोस्वामी ने कहा, ” लीग एक टीम में खिलाड़ियों की निरंतरता को पूरी तरह से समझती है। खिलाड़ी ज्यादा समय तक किसी एक टीम के साथ जुड़े रहे तो इससे फैंस के साथ स्पॉन्सर्स के साथ भी रिश्ता अच्छा रहता है। इसी वजह से प्रो कबड्डी लीग हमेशा से ही प्लेयर रिटेनशन पॉलिसी को मजबूत किया है, इससे खिलाड़ियों और टीमों को काफी फायदा होता है।
“प्रो कबड्डी के पहले 5 सीजन में अब तक सिर्फ तीन ही टीमें खिताब अपने नाम कर सकी हैं। इसमें जयपुर पिंक पैंथर्स, यू मुंबा और पटना पाइरेट्स का नाम शामिल है। पटना ने ये टूर्नामेंट 3 बार अपने नाम किया है।बेंगलुरु बुल्स ने 05 जनवरी 2019 को गए प्रो कबड्डी सीजन-6 के फाइनल में गुजरात फॉर्च्यून जाएंट्स को हराते हुए पहली बार खिताब जीत लिया। पटना पाइरेट्स इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा बार खिताब अपने नाम करने वाली टीम है, लेकिन हैट–ट्रिक लगाने वाली ये टीम सीजन-6 में बेहद खराब दौर से गुजरी।
प्रो कबड्डी 2019 लीग (पीकेएल) फ्रेंचाइजी हरियाणा स्टीलर्स ने अपने घरेलू मैचों के टिकटों की बिक्री की शुक्रवार को घोषणा की. हरियाणा को सोनीपत जिले के मोतीलाल नेहरू स्कूल स्पोर्ट्स में 12 से 18 अक्टूबर तक अपने घरेलू मैच खेलने हैं.
फ्रेंचाइजी ने एक दिन के टिकट की कीमत 499 रुपये रखी है जिसमें दो मैच शामिल होंगे. इसके अलावा सेंट्रल सिटिंग के लिए 700 रुपये और हॉस्पिटलिटी सिटिंग के लिए 1250 रुपये में टिकट उपलब्ध होंगे.हरियाणा स्टीलर्स ने डिजिटल टिकटिंग सिस्टम की शुरुआत की है जिसमें पेपरलेस/डिजिटल टिकटिंग सिस्टम द्वारा पार्टनर टिकटिंग पोर्टल, पेटीएमडॉटकॉम या इनसाईडरडॉटइन पर टिकट बुक करने वाले दर्शकों को क्यूआर कोड/नंबर दिया जाएगा और वे अपने फोन पर यह कोड दिखाकर स्टेडियम में प्रवेश पा सकते हैं.
प्रो कबड्डी 2019 लीग (पीकेएल) फ्रेंचाइजी हरियाणा स्टीलर्स ने अपने घरेलू मैचों के टिकटों की बिक्री की शुक्रवार को घोषणा की. हरियाणा को सोनीपत जिले के मोतीलाल नेहरू स्कूल स्पोर्ट्स में 12 से 18 अक्टूबर तक अपने घरेलू मैच खेलने हैं.
फ्रेंचाइजी ने एक दिन के टिकट की कीमत 499 रुपये रखी है जिसमें दो मैच शामिल होंगे. इसके अलावा सेंट्रल सिटिंग के लिए 700 रुपये और हॉस्पिटलिटी सिटिंग के लिए 1250 रुपये में टिकट उपलब्ध होंगे.हरियाणा स्टीलर्स ने डिजिटल टिकटिंग सिस्टम की शुरुआत की है जिसमें पेपरलेस/डिजिटल टिकटिंग सिस्टम द्वारा पार्टनर टिकटिंग पोर्टल, पेटीएमडॉटकॉम या इनसाईडरडॉटइन पर टिकट बुक करने वाले दर्शकों को क्यूआर कोड/नंबर दिया जाएगा और वे अपने फोन पर यह कोड दिखाकर स्टेडियम में प्रवेश पा सकते हैं.
इसके अलावा इसका सीधा प्रसारण सीजन छ की तरह ,डी डी स्पोर्ट्स ,स्टार स्पोर्ट्स स्टार स्पोर्ट्स एच डी पर भी देखा जा सकता है ,और भी नेटवर्क्स इस सीजन के सभी मैच दिखाएँगे . मशाल स्पोर्ट्स वीवो प्रो कबड्डी 2019 लीग के अधिकार मालिक और आयोजक हैं। VIVO प्रो कबड्डी को 2014 में लॉन्च किया गया था और यह देश में सबसे पहले खेल लीगों में शामिल है वीवो प्रोकबड्डी, साथ ही साथ अन्य महत्वपूर्ण पहलों के माध्यम से, मशाल ने कबड्डी को भारत से एक आधुनिक विश्व स्तर के खेल में फिर से स्थापित करने में सफलता हासिल की। आप बुक माई शो पर भी मैच शुरू होने पर मिलने वालीं टिकटों की जानकारी ले सकते हैं .
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