इस विश्वकप में एक बात को लेकर फैंस में काफी नाराज़गी देखी गयी जो खराब अम्पायरिंग फैसले थे, जो फाइनल मैच में भी देखने को मिला और एक फैसला सबसे अधिक कीवी टीम को हमेशा चुभने वाला है, जिसमें बेन स्टोक्स के बल्ले से थ्रो लगने के बाद गेंद जहां बाउंड्री के लिए गयी और अम्पायर ने उस गेंद पर 6 रन देने का फैसला लिया।
पूर्व अंतरराष्ट्रीय अम्पायर और क्रिकेट नियम की कमेटी के सदस्य साइमन टॉफेल ने इस बात को माना है, कि अम्पारिंग इस विश्वकप में काफी निचले स्तर की देखने को मिली है। फाइनल मैच में जब इंग्लैंड लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तो उसे आखिरी 3 गेंदो पर जीत के लिए 9 रन चाहिए थे, और स्टोक्स ने गेंद को डीप मिड विकेट की तरफ मारकर 2 रन लेने के लिए दौडे जिसके बाद मार्टिन गप्टिल ने गेंद को स्ट्राइक एंड की तरफ थ्रो किया लेकिन गेंद स्टोक्स के बल्ले से लगकर बाउंड्री के लिए चली गयी।
लेकिन जिस समय स्टोक्स दूसरा रन लेने के लिए दौड़े थे तो उस उन्होंने क्रीज़ पर पहुंचने के लिए डाइव किया और उस समय गेंद उनके बल्ले से लगकर बाउंड्री के लिए गयी थी और मैदानी अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इंग्लैंड को 6 रन दे दिए लेकिन नियमों के अनुसार बिलकुल ही गलत फैसला था।
नियम 19.8 के अनुसाल यदि कोई फील्डर थ्रो करता है और उस समय गेंद किसी भी तरीके से बाउंड्री की तरफ चली जाती है तो बल्लेबाज़ी करने वाली टीम ने जितने रन उस गेंद पर पूरे किए हों उसमें बाउंड्री जोड़कर दिए जाते हैं और थ्रो करने से पहले यदि दोनों ही बल्लेबाज़ो ने एक-दूसरे को क्रास कर लिया हो जिसके बाद जहां अम्पायर को 5 रन देने चाहिए थे तो वहीं स्टोक्स को स्ट्राइक एंड पर भी नहीं होना चाहिए था।
यह सीधी गतली है | Simon Taufel on Six Runs on Overthrow
बेन स्टोक्स और आदिल रशीद उस गेंद पर जिस समय दूसरा रन लेने के लिए दौड़े तो मार्टिन गप्टिल थ्रो कर चुके थे जिस कारण दूसरे रन को गिना ही नहीं जाना चाहिए था, लेकिन चीज़े उस समय और गलत हो गयी जब स्टोक्स के पास ही स्ट्राइक रही जबकि राशिद खान को उस गेंद को खेलना चाहिए था।
साइमन टॉफेल ने इस विवाद को लेकर फॉक्स स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा कि, यह एक सीधी गलती है और समझना चाहिए। उन्हें इंग्लैंड को 5 रन देने चाहिए थे, ना कि 6 रन लेकिन उस दौरान वह मैच के रोमांच में बह गए और उन्हें लगा कि बल्लेबाज़ थ्रो करने से पहले क्रास कर चुके थे, जिसमे टीवी रिप्ले देखने में सारी बातें साफ हो सकी।
पूरे विश्वकप के दौरान अम्पायरिंग को लेकर काफी सारे सवाल खड़े किए गए हैं और आईसीसी को इस विषय की तरफ काफी ध्यान देने की जरूरत हैं क्योंकि उनके टॉप 2 अम्पायर कुमार धर्मसेना और मरे इरासमस ने विश्वकप में फाइनल में एक ऐसी गलती की जिससे पूरे परिणाम को बदला हुआ देखा जा सकता है।
यहां पर देखिए उस आखिरी ओवर का वीडियो:
आपको ये भी रोचक लगेगा:
साल 2021 IPL के बाद IPL का पन्ना बढकर 13 पन्नो का हो जायेगा, इसके…
भारत का त्योहार मतलब की IPL एक बार फिर लोगो के बिच में मनोरंजन के…
IPL आज के समय में सबसे ज्यादा पसंदीदा लीग बना हुआ है और इस बात…
साल 2021 का IPL जल्द ही शुरु होने वाला है, 18 फरवरी को हुए ऑक्शन…
हम सभी जानते है की IPL फ्रेंचाइजी को खिलाडीयों को रिटेन और रिलीज के बारे…
हर साल का IPL बिते हुए IPL से ज्यादा मनोरंजक और रोमांचित होता है या…